तपेदिक (टीबी) आज भी देश की प्रमुख संक्रामक बीमारियों में से एक है. यह बीमारी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और समय पर पहचान और इलाज न होने पर गंभीर समस्या बन सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में टीबी होने का खतरा अधिक होता है. ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने के साथ-साथ समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए.
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, कुछ खास वर्गों के लोगों में टीबी संक्रमण का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा होता है. ऐसे में इन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और समय-समय पर स्क्रीनिंग करानी चाहिए ताकि बीमारी शुरुआती चरण में ही पकड़ी जा सके. टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन शुरुआती पहचान बहुत जरूरी है.
टीबी मरीज के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति को खतरा: अगर घर या आसपास कोई टीबी का मरीज है तो संक्रमण का खतरा बहुत बढ़ जाता है.
कुपोषण से जूझ रहे लोग: कमजोर इम्युनिटी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण इनमें टीबी आसानी से फैल सकती है.
