NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच से राजस्थान का सीकर ज़िला कड़ी निगरानी में आ गया है। एजेंसी ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक गेस पेपर हासिल किया जो NEET के प्रश्न पत्र से काफ़ी मिलता-जुलता था और उसे कोचिंग सेंटरों तक पहुंचाया, जहां से उसे आगे फैलाया गया। गिरफ़्तार किए गए तीनों व्यक्ति एक ही परिवार से हैं। सीबीआई आरोपी के बेटे ऋषि बीवाल की तलाश कर रही है। सीबीआई आरोपी दिनेश बीवाल के बेटे ऋषि बीवाल की भी तलाश कर रही है, क्योंकि कथित तौर पर परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्न पत्र उसके पास पहुंच गया था। ऐसा लगता है कि ऋषि यह परीक्षा पास नहीं कर पाया है।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जांचकर्ताओं के अनुसार, दिनेश बीवाल ने कथित तौर पर अपने बेटे के लिए लीक हुआ पेपर हासिल करने के लिए सीकर में लगभग 10 लाख रुपये दिए थे। हालांकि, कथित तौर पर पहले से पेपर मिलने के बावजूद, ऋषि NEET में 720 में से सिर्फ़ 107 नंबर ही ला पाया। वह फ़िलहाल फ़रार है। जां से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान दिनेश ने कथित तौर पर यह मान लिया कि उसने ऋषि के लिए ही वह पेपर हासिल किया था।
जां-पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि उसने बोर्ड परीक्षाओं में भी काफ़ी ख़राब प्रदर्शन किया था। उसने 10वीं कक्षा लगभग 44 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी और 12वीं कक्षा में उसे सेकंड डिवीज़न मिली थी। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि 12वीं कक्षा की परीक्षा पास करने के लिए उसे ग्रेस मार्क्स की ज़रूरत पड़ी थी।
मनीषा गुरुनाथ मांधरे गिरफ्तार
वहीं, सीबीआई ने एक और मास्टरमाइंड की पहचान करके उसे गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मांधरे, जो महाराष्ट्र के पुणे की एक सीनियर बॉटनी टीचर हैं को CBI की गहन पूछताछ के बाद दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है। वह NEET UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थी और NTA द्वारा उन्हें एक विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया गया था। बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी।
