राजस्थान : भारतीय रेलवे के इतिहास में राजस्थान एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिखने जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल अंतर्गत गुढ़ा-ठठाना मीठड़ी के बीच 967.07 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला 64 किलोमीटर लंबा ‘हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक’ बन रहा जिसका लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है। सबसे खास बात यह है कि इस टेस्ट ट्रैक को मुख्य रेल नेटवर्क से भी सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है। आगामी दिवाली के त्यौहार के बाद यहां 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली हाई-स्पीड ट्रेनों और रोलिंग स्टॉक का पहला आधिकारिक ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एडवांस सेंसर्स और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से लैस यह ट्रैक भारतीय रेलवे के लिए एक अत्याधुनिक ‘ओपन लैब’ की तरह काम करेगा, जो भविष्य की तेज रफ्तार ट्रेनों की सुरक्षा और क्षमता तय करेगा।
AI और कैमरों की निगरानी
इस हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी तकनीकी क्षमता है। ट्रायल के दौरान ट्रेन के गुजरते ही सिस्टम पल-पल की जानकारी जुटाएगा। ट्रैक पर बिछाए गए उन्नत सेंसर्स, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टम हर सेकंड लाखों आंकड़े जुटाएंगे।
