इन दिनों देशभर में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस ने आमजन को साइबर ठगी से बचाव के लिए दी बेहद जरूरी सलाह दी है। हाल ही में पुलिस ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल पर जागरुकता भरा पोस्ट जारी कर बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने की बजाय ‘गोल्डनआवर’ में सही कदम उठाना आपकी रकम वापस दिलवा सकता है। साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन तुरंत कार्रवाई से नुकसान कम किया जा सकता है।
साइबर फ्रॉड होते ही याद रखें ये चार जरूरी बातें
अगर आपके या किसी परिचित के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो सबसे पहले घबराएं नहीं। राजस्थान पुलिस के अनुसार तुरंत ये कदम उठाएं।
- Dial 1930: फ्रॉड होते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। इससे ठगी का पैसा होल्ड या फ्रीज कराया जा सकता।
- बैंक को अलर्ट करें: अपने बैंक के कस्टमर केयर को यूनिक ट्रांजेक्शन रेफरेंस (UTR) नंबर और ट्रांजेक्शन डिटेल्स तुरंत बताएं।
- डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें: चैट हिस्ट्री, स्क्रीनशॉट, UPIID और संदिग्ध लिंक को डिलीट न करें। ये सबूत जांच में काम आएंगे।
- सावधानी ही सुरक्षा: कभी भी अपना OTP, PIN या पासवर्ड किसी से शेयर न करें।
यहां भी कर सकते हैं संपर्क
शिकायत दर्ज कराने के लिए 1930 के अलावा व्हाट्सएप नंबर 9256001930, 9257510100 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी संपर्क कर सकते हैं। राजस्थान पुलिस का संदेश साफ है—आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।
