UDAN Scheme: छत्तीसगढ़ में उड़ान योजना के तहत 6 जिले हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे। इसके लिए रायगढ़, जशपुर, कोरबा (बाल्को) दल्लीराजहरा, बस्तर, राजनांदगांव और अन्य शहरों में एयरस्ट्रिप बनेंगे। अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए उक्त हवाई पट्टी (रनवे) का विस्तार और पुनर्निमाण किया जाएगा। मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन द्वारा देशभर की सभी एयरपोर्ट अथॉरिटी से संभावित स्थानों को चिन्हांकित करने को कहा गया है।
कनेक्टिविटी को बढ़ाने फ्लाइटों का संचालन
प्रस्तावित योजना की फाइल मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही इसका खाका तैयार करने के बाद बजट और अन्य संसाधन स्वीकृत कर एयरपोर्ट को शुरू किया जाएगा। उक्त एयरपोर्ट से रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ाने फ्लाइटों का संचालन शुरू होगा। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट निदेशक योगेश नगाइच ने बताया कि उड़ान योजना के लिए देशभर में नए 100 नए एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हैलीपेड प्रस्तावित है। नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के लिए कवायद चल रही है।
28840 करोड़ रुपए का बजट
देशभर में नए एयरपोर्ट, आधुनिक हेलीपैड और 120 नए गंतव्य के विकास और निर्माण के लिए 28840 रुपए खर्च होंगे। इस योजना में छत्तीसगढ़ को भी शामिल किया गया है। इसके शुरू होने पर छोटे शहरों के 4 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिलेगा। टियर 2 और 3 के तहत आने वाले शहरों के नागरिकों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करने से बड़े विमानों में अधिक सीटों के लिए किफायती हवाई किराए के साथ उपलब्ध होंगे। ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को सीधे हवाई कनेक्टिविटी से जोड़कर स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास और अवसरों को बढ़ाया जा सके। बता दें कि इस योजना के तहत मैदानी इलाकों के साथ ही पहाड़ी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों, उत्तर पूर्वी क्षेत्र और आकांक्षी जिलों को शामिल किया गया है।
क्या है उड़ान योजना
उड़ान (UDAN) योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मकसद छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार एयरलाइंस को प्रोत्साहन देती है ताकि कम यात्री संख्या वाले रूट पर भी नियमित उड़ानें संचालित की जा सकें।
