UPSC Success Story: उत्तर प्रदेश के गोंडा की रहने वाली मुस्कान श्रीवास्तव की सिविल सेवा तक पहुंचने की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया 98वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और UPSC 2024 में 36वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का मुकाम हासिल किया।
मुस्कान श्रीवास्तव की परवरिश उत्तर प्रदेश के गोंडा में हुई। वह गोंडा की आवास विकास कॉलोनी निवासी डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव की बेटी हैं। उनका परिवार मूल रूप से सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र के गांव गुलरामऊ का रहने वाला है।
Microsoft में Software Engineer की नौकरी
मुस्कान ने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद Microsoft में Software Engineer के तौर पर काम शुरू किया। उनके मुताबिक, बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का कोई खास लक्ष्य नहीं था। कोविड-19 महामारी के दौरान जब उन्हें वर्क फ्रॉम होम का मौका मिला, तब उन्होंने नियमित रूप से अखबार पढ़ना और YouTube पर प्रेरणादायक वीडियो देखना शुरू किया।
इसी दौरान उनका रुझान UPSC सिविल सेवा परीक्षा की ओर बढ़ा और उन्होंने प्रशासनिक सेवा में करियर बनाने का निर्णय लिया।
UPSC 2023 में मिली 98वीं रैंक
मुस्कान ने वर्ष 2022 में UPSC की तैयारी शुरू की। वर्ष 2023 में उन्होंने पहली बार सिविल सेवा परीक्षा दी और अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 98वीं रैंक हासिल की। इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ।
हालांकि, मुस्कान का लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था। इसलिए IPS में चयन के बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।
UPSC 2024 में हासिल की 36वीं रैंक
मुस्कान ने वर्ष 2024 में दोबारा UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी। इस बार उन्होंने अपनी रैंक में बड़ी छलांग लगाते हुए ऑल इंडिया 36वीं रैंक हासिल की। इसके साथ ही उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए हुआ।
इस तरह उन्होंने पहले IPS और उसके बाद IAS बनने की उपलब्धि हासिल की। वह भी लगातार दो प्रयासों में UPSC में सफलता के साथ।
26 साल की उम्र में बनीं IAS
मुस्कान श्रीवास्तव का जन्म 22 सितंबर 1998 को हुआ था। वह 25 वर्ष की उम्र में IPS और 26 वर्ष की उम्र में IAS बनने में सफल रहीं। वर्तमान में वह हरियाणा कैडर की 2025 बैच की IAS अधिकारी हैं।
मुस्कान अपनी UPSC यात्रा से जुड़े अनुभवों में युवाओं को यह संदेश देती हैं कि UPSC जीवन का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। उनकी कहानी यह भी बताती है कि करियर की दिशा बदलने और नए लक्ष्य के लिए दोबारा प्रयास करने की कोई तय उम्र नहीं होती।
