नई दिल्ली : सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में निर्माण गतिविधियों, पार्किंग शुल्क, सरकारी कार्यालयों के समय और वर्क फ्रॉम होम से जुड़े कई उपाय लागू किए जाने की तैयारी है। दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां सर्दियों में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्तरों पर कदम उठा रही हैं। दिल्ली सरकार के मौजूदा प्रदूषण नियंत्रण उपायों में निर्माण एवं धूल नियंत्रण, पार्किंग शुल्क और कार्यालयों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
निर्माण और डिमोलिशन गतिविधियों पर चरणबद्ध रोक
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाली डिमोलिशन गतिविधियों और बाहरी सिविल कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। इसके बाद 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 के बीच निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लागू करने की योजना है।
निर्माण और डिमोलिशन से निकलने वाली धूल को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है और CAQM के ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान में भी ऐसी गतिविधियों पर चरणबद्ध प्रतिबंध का प्रावधान है।
पार्किंग शुल्क बढ़ाने की व्यवस्था
प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के तहत अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने का प्रावधान भी रखा गया है। दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, यह व्यवस्था GRAP के स्टेज III या स्टेज IV लागू होने पर अधिकृत पार्किंग स्थलों पर लागू करने के लिए निर्देशित की गई है। DMRC के स्वामित्व और प्रबंधन वाली पार्किंग को इस शुल्क वृद्धि से बाहर रखा गया है।
सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव
सर्दियों के दौरान ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के समय में भी अंतर रखा जाएगा। प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार MCD के तहत आने वाले कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक, जबकि GNCTD के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। अलग-अलग समय पर कार्यालय खुलने और बंद होने से पीक आवर्स में वाहनों का दबाव कम करने का प्रयास किया जाएगा।
50 फीसदी कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम का प्रावधान
प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने पर सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम कराने का प्रावधान भी लागू किया जा सकता है। दिल्ली सरकार ने पहले GRAP के तहत सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता पर चलाने तथा बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था के लिए निर्देश जारी किए थे।
इस तरह सर्दियों के दौरान दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क में बदलाव, कार्यालयों के समय में अंतर और वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों को इस्तेमाल करने की व्यवस्था की जा रही है।
