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Thursday, September 3, 2026
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दिल्ली में फायर सेफ्टी नियमों में बड़ा बदलाव, अब प्राइवेट कंपनियां भी जारी कर सकेंगी NOC

दिल्ली सरकार ने राजधानी में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में सरकार ने दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service) (संशोधन) नियम, 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद फायर सेफ्टी से जुड़े कई नियमों में अहम बदलाव लागू होंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और नियम उल्लंघन पर जुर्माना प्रणाली में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा बदलाव फायर NOC को लेकर किया गया है। अब तक भवनों की अग्नि सुरक्षा जांच और प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार केवल दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service) के पास था, लेकिन नए नियमों के तहत अधिकृत निजी कंपनियां, एजेंसियां और विशेषज्ञ भी यह काम कर सकेंगे।

नए प्रावधानों के अनुसार, थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिटर (Third-Party Fire Safety Auditor) भवनों और संस्थानों का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए जाने पर NOC जारी कर पाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो आवेदन पहले से लंबित हैं, उनका निपटारा उन्हीं पुराने नियमों के आधार पर किया जाएगा जो आवेदन जमा किए जाने के समय लागू थे। यानी नए नियमों का प्रभाव पुराने लंबित मामलों पर नहीं पड़ेगा। संशोधित नियमों में पहली बार ‘फायर सेफ्टी ऑडिटर’ की नई परिभाषा जोड़ी गई है। इसके तहत अब किसी व्यक्ति, कंपनी या एजेंसी को थर्ड पार्टी के रूप में फायर सेफ्टी जांच करने की अनुमति दी जा सकेगी। अब तक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (Fire Safety Certificate) जारी करने का अधिकार केवल दिल्ली फायर सर्विस के पास था, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद अधिकृत फायर सेफ्टी ऑडिटर भी यह प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत अब पुराने नेशनल बिल्डिंग कोड 2005 की जगह समय-समय पर अपडेट होने वाली भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code of India) को लागू माना जाएगा। इसके जरिए भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा। नई संहिता में फायर और लाइफ सेफ्टी से जुड़े कई नए प्रावधान शामिल किए जाएंगे, ताकि इमारतों में आग जैसी घटनाओं के दौरान लोगों की सुरक्षा बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा दिल्ली में नए फायर जोन भी बनाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत और कामकाज के आधार पर राजधानी को पांच या उससे अधिक फायर जोन में विभाजित किया जा सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत दिल्ली को अलग-अलग फायर सेफ्टी जोन में बांटा जाएगा। शुरुआती तौर पर जिन जोनों का प्रस्ताव है, उनमें शामिल हैं,  सेंट्रल जोन,  ईस्ट जोन,  वेस्ट जोन,  नॉर्थ जोन,  साउथ जोन अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर सरकार भविष्य में नए फायर जोन भी बना सकेगी। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य फायर सेफ्टी सिस्टम को अधिक आधुनिक, सुव्यवस्थित और तेज बनाना है।

आग से जान बचाने वालों को मिलेगा इनाम

नए नियमों के अनुसार, जहां अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, वहीं आग लगने जैसी दुर्घटनाओं के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले आम नागरिकों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक, उत्कृष्ट साहस और सेवा कार्य के लिए निदेशक स्तर पर 1 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जा सकेगा। वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) को 75 हजार रुपये तक का पुरस्कार देने का अधिकार होगा। इसके अलावा, विशेष परिस्थितियों में सरकार की मंजूरी से पुरस्कार राशि को 1 लाख रुपये से अधिक भी किया जा सकता है।

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