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Sunday, July 26, 2026
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China Norovirus: कोरोना के बाद चीन में नई आफत, बच्चों में फैल रहा नोरोवायरस; जानें लक्षण और बचाव के उपाय

China Norovirus: कोरोना के बाद चीन में अब एक दूसरे वायरस ने दस्तक दी है. दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के फोशान शहर स्थित एक सीनियर हाई स्कूल में 103 छात्र नॉरोवायरस से इंफेक्टेड पाए गए हैं. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सभी छात्र सुरक्षित हैं और कोई भी मामला गंभीर या जानलेवा नहीं है. नॉरोवायरस एक वायरस है, जो अक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनता है. इसमें आमतौर पर उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. शिन्हुई मिडिल स्कूल के इन छात्रों में हाल ही में ऐसे ही लक्षण सामने आए थे, जिनकी शुरुआती जांच में नॉरोवायरस इंफेक्शन की पुष्टि हुई.

मेडिकल डिपार्टमेंट ने क्या कहा?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी 103 छात्रों की हालत स्थिर है. एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर को पूरी तरह डिसइन्फेक्ट कर दिया गया है. छात्रों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी उपस्थिति की भी निगरानी की जा रही है. इसके अलावा, इंफेक्शन के सोर्स का पता लगाने के लिए महामारी साइंस सर्वे जारी है. ग्वांगडोंग प्रांत के डिजीज कंट्रोल अधिकारियों ने बताया कि यहां हर साल अक्टूबर से मार्च के बीच नॉरोवायरस के मामले बढ़ जाते हैं. यह वायरस खासतौर पर ठंड के मौसम में तेजी से फैलता है.

क्या है नॉरोवायरस?

नॉरोवायरस दुनिया भर में बहुत आम है वायरस माना जाता है. हर साल इसके करीब 68.5 करोड़ मामले सामने आते हैं, जिनमें लगभग 5 साल से कम उम्र के 20 करोड़ बच्चे शामिल होते हैं. दुनियाभर में यह वायरस हर साल लगभग 2 लाख लोगों की जान लेता है, जिनमें करीब 50 हजार बच्चे होते हैं. इसका सबसे ज्यादा असर कम आय वाले देशों में देखा जाता है. स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक नुकसान को मिलाकर नॉरोवायरस से होने वाला वैश्विक खर्च लगभग 60 अरब डॉलर आंका गया है. नॉरोवायरस का पहला प्रकोप 1968 में अमेरिका के ओहायो राज्य के नॉरवॉक शहर में दर्ज किया गया था. इसी वजह से इसके शुरुआती स्ट्रेन को “नॉरवॉक वायरस” कहा गया.

कैसे फैलता है यह वायरस?

यह वायरस गैस्ट्रोएंटेराइटिस करता है, जिसे आम भाषा में कई लोग स्टमक फ्लू कह देते हैं. हालांकि, यह फ्लू से अलग है, क्योंकि इन्फ्लूएंजा वायरस सांस की बीमारी करता है, पेट की नहीं. नॉरोवायरस आमतौर पर गंदे भोजन या पानी के जरिए फैलता है. इंफेक्टेड व्यक्ति के हाथों से छुए गए खाने, अधपके शेलफिश या गंदे पानी से धुली सब्जियों और फलों से इसका खतरा बढ़ जाता है. यह वायरस दरवाजों के हैंडल, नल, काउंटर जैसी सतहों पर दो हफ्ते तक जीवित रह सकता है.

कैसे कर सकते हैं बचाव?

NYT की रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए कोई असरदार वैक्सीन नहीं है, तो बचाव ही इसके लिए सबसे बड़ा वैक्सीन है. बचाव के लिए सबसे जरूरी है साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोनाय सिर्फ हैंड सैनिटाइजर इस वायरस पर असरदार नहीं होता. साथ ही, बाथरूम और बार-बार छुई जाने वाली जगहों को ब्लीच मिले पानी से साफ करना चाहिए। अगर कोई इंफेक्टेड हो जाए, तो उसे घर पर आराम करना चाहिए और खूब तरल पदार्थ लेना चाहिए, पानी, सूप और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक फायदेमंद होते हैं.

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