नई दिल्ली: टेलीकॉम यूजर्स के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक अहम फैसला लिया है। TRAI ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियम, 2026 को अंतिम रूप दे दिया है। यह संशोधन 21 सितंबर 2026 को जारी किया गया। नए नियमों के तहत Jio, Airtel, Vi और BSNL जैसी टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे स्पेशल टैरिफ वाउचर (STVs) उपलब्ध कराने होंगे, जिनमें ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक सिर्फ वॉयस कॉलिंग और SMS जैसी सेवाएं ले सकें।
इसका सीधा फायदा उन मोबाइल यूजर्स को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती और वे मुख्य रूप से कॉलिंग व SMS के लिए रिचार्ज कराते हैं। ऐसे ग्राहकों को अब अनावश्यक डेटा के लिए अतिरिक्त भुगतान करने से राहत मिल सकती है।
30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले विकल्प जरूरी
TRAI के नए नियमों के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को वॉयस, SMS और डेटा सेवाओं के लिए 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले कई छोटे स्पेशल टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराने होंगे।
TRAI के मुताबिक, 2024 में 12वें संशोधन के बाद कंपनियों ने वॉयस-ओनली प्लान पेश किए थे, लेकिन इनमें से कई प्लान लंबी वैलिडिटी के साथ उपलब्ध थे। नियामक के अनुसार, इससे कम आय वाले और सीमित जरूरत वाले ग्राहकों के लिए ऐसे प्लान चुनना मुश्किल हो रहा था। नए संशोधन का उद्देश्य इसी समस्या को दूर करना है।
हर महीने एक तय तारीख पर रिन्यू होगा प्लान
नए नियमों में मासिक रिन्यूअल को लेकर भी प्रावधान किया गया है। प्रत्येक टेलीकॉम ऑपरेटर को कम से कम एक ऐसा STV उपलब्ध कराना होगा, जिसे ग्राहक हर महीने की एक ही तारीख को रिन्यू करा सके।
अगर किसी महीने में चुनी गई तारीख मौजूद नहीं है, जैसे 31 तारीख, तो उस महीने की अंतिम तारीख को रिन्यूअल माना जाएगा। यानी 31 तारीख वाला रिन्यूअल फरवरी में 28 या 29 और 30 दिन वाले महीने में 30 तारीख को हो सकेगा।
इसके अलावा, कंपनियों को कम से कम एक ऐसा STV भी पेश करना होगा जिसकी वैलिडिटी मासिक रिन्यूअल वाले विकल्प से ज्यादा हो। बाकी STVs की वैलिडिटी 30 दिन या उससे कम रखनी होगी।
लंबी प्रक्रिया के बाद TRAI ने जारी किया अंतिम नियम
TRAI का यह फैसला परामर्श प्रक्रिया के बाद सामने आया है। वॉयस-ओनली प्लान से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए TRAI ने 7 अप्रैल 2026 को 13वें संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया था।
ड्राफ्ट पर टेलीकॉम इंडस्ट्री के स्टेकहॉल्डर्स और आम लोगों से सुझाव व प्रतिक्रियाएं मांगी गई थीं। इसके बाद 15 जून 2026 को ओपन हाउस डिस्कशन भी आयोजित किया गया। प्राप्त सुझावों और चर्चा के आधार पर TRAI ने अंतिम संशोधन तैयार किया, जिसे 21 सितंबर 2026 को जारी कर दिया गया।
किन यूजर्स को होगा फायदा?
नए नियमों का फायदा खास तौर पर उन ग्राहकों को हो सकता है जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की ज्यादा जरूरत नहीं होती और वे फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं। छोटे वैलिडिटी वाले विकल्प उपलब्ध होने से ऐसे ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार रिचार्ज चुनने का ज्यादा विकल्प मिलेगा।
हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद कंपनियां कौन-कौन से प्लान और किस कीमत पर पेश करती हैं, यह अलग-अलग ऑपरेटरों के टैरिफ पर निर्भर करेगा।
