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Monday, November 9, 2026
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चार धाम यात्रा अपडेट: प्रतिबंध हटा, लेकिन यात्रा से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Chardham Yatra: चार धाम यात्रा पर रविवार को 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे अब हटा लिया गया है। यात्रा एक बार फिर शुरू हो गई है।

Chardham Yatra: उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रविवार को चार धाम यात्रा पर 24 घंटे का अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर श्रद्धालुओं और उनके वाहन चालकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया था। सोमवार सुबह गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जानकारी दी कि अब यह प्रतिबंध हटा लिया गया है और यात्रा को फिर से शुरू कर दिया गया है।

Chardham Yatra: मौसम में सुधार के बाद निर्णय

गढ़वाल मंडल आयुक्त ने बताया कि यात्रा मार्गों पर मौसम की स्थिति की लगातार निगरानी के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग में पड़ने वाले जिलों के जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति और मार्गों की स्थिति के आधार पर वाहनों को रोकने या आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी स्थान पर बारिश और भूस्खलन का खतरा बढ़ता है, तो वहां अस्थायी रूप से यात्रा को रोका जा सकता है।

Chardham Yatra: रविवार को क्यों लगी थी रोक?

रविवार को उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे कई मार्ग बाधित हो गए थे। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एहतियाती कदम के रूप में चार धाम यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया था। गढ़वाल मंडल आयुक्त ने रविवार को कहा था कि लोगों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए चार धाम यात्रा को 24 घंटे के लिए स्थगित किया गया है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे जहां हैं, वहीं रुकें और स्थिति सामान्य होने तक केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा से बचें।

Chardham Yatra: भूस्खलन और बारिश से कई मार्ग बाधित

उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश के चलते गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से तीर्थयात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मलबा हटाने और सड़कों को सुचारू करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। संबंधित जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था और एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई थीं ताकि आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने की अपील

गढ़वाल मंडल आयुक्त और प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपदा प्रबंधन सचिव ने कहा, बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचना ही सुरक्षित रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम सामान्य होने तक प्रतीक्षा करें और यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें।

चार धाम यात्रा की स्थिति पर नजर बनाए रखेगा प्रशासन

उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि चार धाम यात्रा की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग की रिपोर्ट और मार्गों की स्थिति के अनुसार यात्रियों को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उत्तराखंड पर्यटन विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबरों पर यात्रा की स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहें। इसके अलावा, किसी भी आपातकालीन स्थिति में नजदीकी कंट्रोल रूम और पुलिस प्रशासन से संपर्क किया जा सकता है।

सावधानी और सतर्कता के साथ यात्रा जारी रखें

चार धाम यात्रा एक बार फिर से शुरू हो चुकी है, लेकिन लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते तीर्थयात्रियों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। यह तीर्थ यात्रा भक्तों की आस्था का केंद्र है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन की सलाह के अनुसार ही यात्रा को आगे बढ़ाएं। यात्रा के दौरान स्वयं की और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना और मौसम अपडेट्स पर नजर रखना तीर्थयात्रा को सुरक्षित और सुखद बना सकता है।

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