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Tuesday, October 20, 2026
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Tirupati controversy: तिरुपति विवाद के बीच भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, प्रसिद्ध मंदिरों के प्रसाद की जांच के आदेश

Tirupati controversy: तिरुपति मंदिर के लड्डुओं में कथित रूप से पशुओं की चर्बी और मछली का तेल पाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है। इसी बीच राजस्थान सरकार ने एक विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है।

Tirupati controversy: तिरुपति मंदिर के लड्डुओं में कथित रूप से पशुओं की चर्बी और मछली का तेल पाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है। इसी बीच राजस्थान सरकार ने एक विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। 23 से 26 सितंबर तक राजस्थान के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मंदिरों में भोग और प्रसाद की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य मंदिरों में प्रसाद और भोग की शुद्धता सुनिश्चित करना है ताकि श्रद्धालुओं को मिलावट से मुक्त और सुरक्षित भोजन प्राप्त हो सके। यह अभियान धार्मिक स्थलों पर प्रसाद की गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की मिलावट को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान

राजस्थान सरकार द्वारा ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत 23 से 26 सितंबर तक मंदिरों में सवामणी और नियमित रूप से दिए जाने वाले प्रसाद के नमूनों की जांच की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य मंदिरों में भक्तों को दिए जाने वाले भोग और प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित करना है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों पर भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित प्रसाद प्राप्त हो सके।

प्रसिद्ध मंदिरों के प्रसाद की होगी जांच

राजस्थान के खाद्य सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल के तहत इस विशेष जांच अभियान को चलाया जा रहा है। इसमें राज्य के प्रमुख मंदिरों में प्रतिदिन बनने वाले प्रसाद और भोग की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस प्रकार, श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री प्रदान करने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट से बचा जा सके।

54 मंदिरों ने भोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया

राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अब तक राज्य के 54 मंदिरों ने भोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। इस अभियान में न केवल प्रसाद की गुणवत्ता, बल्कि स्वच्छता का भी गहन निरीक्षण किया जाएगा। राजस्थान के संबंधित विभागों को इस अभियान के बारे में सूचित कर दिया गया है, और इसे एक विशेष टीम द्वारा संचालित किया जाएगा। यह टीम मंदिरों में प्रसाद तैयार करने की प्रक्रिया, स्वच्छता मानकों, और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करेगी ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध और स्वच्छ प्रसाद मिल सके।

भोग और प्रसाद की शुद्धता के लिए प्रमाणन योजना शुरू

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ‘ईट राइट’ पहल के तहत धार्मिक स्थलों पर भोग और प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रमाणन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत उन मंदिरों और धार्मिक स्थलों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं।

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