रायपुर : छत्तीसगढ़ में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चक्रवाती तूफान अर्नब के बाद अब बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात मुरासु का प्रभाव प्रदेश में देखने को मिल रहा है। मंगलवार तड़के यह तूफान आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकरा गया। इसके चलते छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 3 नवंबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बस्तर संभाग में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 6 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रायपुर में 3 नवंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
बस्तर संभाग में ज्यादा असर की आशंका
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात मुरासु के समुद्र तट की ओर बढ़ने के साथ ही बस्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में इसका प्रभाव दिखने लगा था। सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल किया। इसका सबसे अधिक असर बस्तर संभाग में देखने को मिल सकता है।
बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, बस्तर संभाग के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।
मध्य छत्तीसगढ़ में भी चक्रवात का प्रभाव रहने का अनुमान है। यहां आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। राजधानी रायपुर में सोमवार को ही आसमान में बादल छाने के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिला।
3 और 4 नवंबर को आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
