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Friday, April 17, 2026
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हल्द्वानी: जमीन धोखाधड़ी के दर्द में किसान ने लगाई गोली, शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम

Uttarakhand Farmer Suicide: सुखवंत सिंह लंबे समय से अपनी जमीन के एक मामले में फंस चुके थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की।

Uttarakhand Farmer Suicide: उत्तराखंड के हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में जमीन के धोखाधड़ी मामले से त्रस्त काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने रविवार को खुद पर गोली चलाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम उनका शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां परिवार में कोहराम मच गया। शव के पहुंचते ही सैकड़ों लोग जुट गए और किसान संगठनों ने मामले को लेकर आक्रोश जताया।

Uttarakhand Farmer Suicide: धोखाधड़ी का दर्द सह नहीं पाया किसान

सुखवंत सिंह लंबे समय से अपनी जमीन के एक मामले में फंस चुके थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की। इस प्रकरण में कई बार थाने-कोर्ट के चक्कर लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला। निराशा और आर्थिक संकट के बीच सुखवंत सिंह ने अंतिम कदम उठाया। घटना के बाद उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें उन्होंने धोखाधड़ी करने वालों और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

Uttarakhand Farmer Suicide: परिवार ने रखीं तीन बड़ी मांगें

शव के घर पहुंचने पर किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू ने मृतक के परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन मांगें रखी हैं:

  1. सुखवंत सिंह की वायरल वीडियो को मुख्य सबूत मानते हुए पूरे मामले में संलिप्त सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए तथा दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
  2. मृतक की अंतिम इच्छा के अनुसार पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराई जाए।
  3. किसान के साथ हुई धोखाधड़ी का जो पैसा गया, उसे सरकार द्वारा वापस दिलाया जाए, चाहे इसके लिए आरोपियों की संपत्ति कुर्क करनी पड़े।

जितेंद्र सिंह जीतू ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार दोपहर 12 बजे तक इन तीनों मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मृतक का पार्थिव शरीर आईटीआई थाने ले जाया जाएगा और तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा, जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं कर लेती।

Uttarakhand Farmer Suicide: मुख्यमंत्री धामी ने लिया गंभीर संज्ञान

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मजिस्ट्रेटी जांच सौंप दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध हो। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand Farmer Suicide: मुख्यमंत्री धामी ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपक से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने दिवंगत किसान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा, सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Uttarakhand Farmer Suicide: किसानों में बढ़ा आक्रोश

इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में किसानों के बीच गहरा आक्रोश पैदा किया है। कई किसान संगठन और स्थानीय नेता इस मामले को लेकर सक्रिय हो गए हैं। लोग मानते हैं कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित भूमि विवादों, फर्जी दस्तावेजों और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।

स्थानीय लोग और किसान अब इंतजार कर रहे हैं कि सोमवार दोपहर तक सरकार क्या फैसला लेती है। यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

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