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Tuesday, September 1, 2026
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Pahalgam Terror Attack : पहलगाम हमले की जांच में बड़ा खुलासा, पाकिस्तान कनेक्शन पर NIA को मिले अहम सबूत

Pahalgam Terror Attack : पहलगाम हमले की एनआईए जांच में पाकिस्तान दिनों-दिन बेनकाब होता जा रहा है। पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के मारे जाने के बाद उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे जो कि पाकिस्तानी बैंक से जुड़े हुए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 2021 में ये फोन चीन से पाकिस्तान आए थे। इसके बाद 2023 में ये खरीदे गए और दो साल तक एकदम बंद पड़े रहे। इन फोन को 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले से पहले ही ऐक्टिव किया गया।

मारे गए थे तीन आतंकी

ये फोन कराजी के जिस बैंक से जुड़े थे उनका नाम लश्कर-ए-तैयबा और लाजनात अल दवा जैसे संगठनों की फंडिंग में भी आ चुका है। लजनात अल दवा अल कायदा से लिंक एक आतंकी संगठन है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और एनआईए की जांच में पाया गया कि आतंकियों के पास रेडमी सीरीज के दो शाओमी फोन थे। इनमें से एक 9T (ऑरेंज) और दूसरा नोट 12 (ब्लैक) था। 28 जुलाई 2025 को दचिगाम के मुलनार महादेव में हुई मुठभेड़ में फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी को मार दिया गया था। उनके पास से ही ये दोनों फोन बरामद हुए थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रेडमी 9T एक कंसाइनमेंट का हिस्सा था। इसके पाकिस्तान की टेक सिरत प्राइवेट लिमिटेड ने आयात किया था। कराची में इस कंपनी का कार्यालय है। शाओमी के मुताबिक यह कंसाइनमेंट जनवरी 2021 को पाकिस्तान पहुंचा था। इसके लिए लिस्टेड लॉजिस्टिक कंपनी फैसल बैंक का नाम दिया गया था। इसका मुख्य कार्यालय कराची में है। संभव है कि टेक सिरत के जरिए फोन आयात करवाने के लिए फंडिंग इसी बैंक ने की हो। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन से आए कंसाइनमेंट का डिलीवरी अड्रेस फैसल बैंक का ही था। इसके बाद स्मग्लिंग के जरिए यह लश्कर-ए-तैयबा तक पहुंच गया। पूरी संभावना है कि फोन खरीदते वक्त ही प्लान बना लिया गया था कि इसका इस्तेमाल किसी आतंकी हमले में होना है। इसीलिए दो साल तक इस फोन को चालू ही नहीं किया गया।

आतंकी घटना की जांच में आ चुका है बैंक का नाम

फैसल बैंक का पहलगाम हमले से कोई सीधा कनेक्शन तो नहीं मिला है लेकिन इस बैंक का नाम एक आतंकी घटना की जांच से जुड़ा हुआ है। 2007 में न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट छापी थी कि 9/11 हमले के बाद कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि अमेरिका में आतंक का समर्थन करने वाले दो संगठनों के बैंक अकाउंट फैसल बैंक में हैं। इसमें लश्कर-ए-तैयबा और लजनत अल दवा है जो कि अल कायदा से जुड़ा हुआ है। बाद में बैंक ने कहा था कि अगर उसके जिस ग्राहक को आतंकी बताया गया है उसके अकाउंट पहले ही फ्रीज कर दिए गए हैं।

पाकिस्तान के अखबार में बताया गया था कि पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने लशकर-ए-तैयबा, सिपह-ए-सहाबा पाकिस्तान, अल -रशीद ट्रस्ट, अल बद्र, हरकत-उल-मुजाहिदीन, सैफ-उल-मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-जाफरिया पाकिस्तान के अकाउंट्स की डीटेल निकाली जा रही है। वहीं पहलगाम के आतंकियों ने दूसरो फोन रेडमी नोट 12 एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड े इंपोरट किया था। इसका ऑफिस भी लाहौर में है। इस फोन को भी लंबे समय तक ऑन नही ंकिया गया। आतंकियों ने पहले फोन ऑन नहीं किया। वे लॉन्ग रेंज रेडियो कम्यूनिकेशन के जरिए ही बात कर रहे थे। इन फोन से कुछ तस्वीरें और मैप मिली हैं। फोन में आतंकियों के एक टेंट की भी तस्वीर थी।

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