Delhi Bus Free Travel: दिल्ली की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को लेकर 1 सितंबर से नियम बदलने जा रहे हैं। अब महिलाएं पिंक टिकट के जरिए मुफ्त बस यात्रा नहीं कर सकेंगी। मुफ्त सफर का लाभ लेने के लिए यात्रियों को ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ (Pink Saheli Smart Card) दिखाना अनिवार्य होगा। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के मुताबिक, बसों में पिंक टिकट की वैधता 31 अगस्त की आधी रात तक ही रहेगी। इसके बाद पिंक टिकट के आधार पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। 1 सितंबर से मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जरूरी होगा। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को अनिवार्य करने की तारीख पहले भी कई बार आगे बढ़ाई जा चुकी है। शुरुआत में इसे 1 अगस्त से लागू किया जाना था। इसके बाद तारीख बढ़ाकर 16 अगस्त कर दी गई। हालांकि, रक्षाबंधन के मद्देनजर सरकार ने पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को आगे बढ़ाते हुए इसे 31 अगस्त तक जारी रखने का फैसला किया। अब डीटीसी ने हालिया आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के बिना मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी।
बाहरी राज्यों की महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू होने का सबसे बड़ा असर दिल्ली से बाहर की महिलाओं पर पड़ेगा। पुरानी पिंक टिकट व्यवस्था में दिल्ली की बसों में सफर करने वाली महिला यात्रियों को दिल्ली की निवासी होने का प्रमाण देने की जरूरत नहीं थी। इसके चलते दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली महिलाएं भी पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा कर सकती थीं। नई व्यवस्था में मुफ्त बस यात्रा का लाभ दिल्ली की पात्र महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों तक सीमित कर दिया गया है। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए यात्री की पहचान के साथ दिल्ली में उसके निवास की पुष्टि की जा सकेगी। ऐसे में 1 सितंबर से दिल्ली आने वाली बाहरी राज्यों की महिला यात्रियों को डीटीसी की सरकारी बसों में सामान्य किराया देना होगा। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों और अन्य मौकों पर दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली महिलाओं को पिंक टिकट के जरिए मिलने वाली मुफ्त यात्रा की सुविधा भी समाप्त हो जाएगी।
लाखों पिंक सहेली कार्ड बनाए गए
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पिंक टिकट केवल उन्हीं महिला यात्रियों को जारी किया जाएगा, जिनके पास वैध ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ होगा। सरकार के मुताबिक, अब तक राजधानी में लाखों पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनाए और वितरित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस व्यवस्था से जोड़ना है। अधिकारियों के अनुसार, महिला यात्रियों के बीच पिंक सहेली कार्ड को अपेक्षाकृत धीमी गति से अपनाए जाने के कारण डीटीसी ने जागरूकता अभियान भी चलाया था। इसके तहत बसों में सफर करने वाली महिलाओं को पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित और जागरूक किया गया।
पिंक सहेली कार्ड के लिए 50 केंद्र बनाए गए
अधिकारियों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य मुफ्त बस यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाले कागज आधारित पिंक टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म कर स्मार्ट कार्ड आधारित व्यवस्था लागू करना है। इसके तहत महिला यात्रियों को पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने राजधानी में 50 अधिकृत केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर पात्र महिला यात्री पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन कर सकती हैं।
