34 C
New Delhi
Monday, September 7, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकानपुर अग्निकांड: एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत, मुख्यमंत्री...

कानपुर अग्निकांड: एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत, मुख्यमंत्री योगी ने जताया दुख

Kanpur Fire: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के चमनगंज स्थित पांच मंजिला इमारत में लगी आग में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत पर दुख जताया है।

Kanpur Fire: उत्तर प्रदेश के कानपुर के चमनगंज इलाके में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब गांधी नगर स्थित एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसमें पति, पत्नी और उनकी तीन मासूम बच्चियां शामिल थीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना जताई है।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने घटना की जांच कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया है।

Kanpur Fire: पांच मंजिला इमारत में अचानक लगी आग

घटना रविवार रात करीब आठ बजे की है, जब चमनगंज इलाके के गांधी नगर स्थित पांच मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। बताया जा रहा है कि इमारत की निचली मंजिल पर एक जूते का कारखाना संचालित होता था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर रिहायशी मकान थे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

Kanpur Fire: आठ घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य रातभर चला। आग पर काबू पाने और फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीमों को भी लगाया गया। कुल मिलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन करीब आठ घंटे तक चला, जो सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे समाप्त हुआ।

Kanpur Fire: एक ही परिवार के पांच जल गए जिंदा

एडीसीपी सेंट्रल राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दमकल विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने राहत कार्य को अंजाम दिया। फंसे हुए परिवार के पांच लोगों के झुलसे हुए शव इमारत के अंदर से बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त पांच अन्य झुलसे हुए लोगों को उर्सुला अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

इमारत में नहीं था आग से सुरक्षा संबंधित कोई उपाय

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इमारत में कोई आग से सुरक्षा संबंधित उपाय मौजूद नहीं थे। न ही फायर एग्जिट था और न ही कोई अग्निशमन उपकरण। जिससे आग लगने के बाद लोग बाहर नहीं निकल सके। इमारत में चल रहे जूते के कारखाने में रसायनों और ज्वलनशील सामग्री की उपस्थिति ने आग को और भयानक बना दिया।

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने अब इस इमारत के मालिक और जूते के कारखाने के संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएम योगी ने जताया दुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए। इसके साथ ही राज्य भर में पुराने और बहुमंजिला भवनों की फायर सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। कानपुर की यह घटना न केवल प्रशासन के लिए एक चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक सबक है कि फायर सेफ्टी को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

यह भी पढ़ें:-

Pahalgam Terror Attack: पीएम मोदी की चेतावनी, आतंक के हर समर्थक की होगी पहचान और सज़ा

RELATED ARTICLES
New Delhi
few clouds
34 ° C
34.1 °
34 °
59 %
3.6kmh
15 %
Mon
35 °
Tue
40 °
Wed
40 °
Thu
39 °
Fri
38 °

Most Popular