Rajasthan News: राजस्थान सरकार की ओर से अपने कार्मिकों के हितों की रक्षा और प्रशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2026-27 के वादों को हकीकत में बदलते हुए कर्मचारियों को पदोन्नति में 2 साल की छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद से राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य न केवल विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को तेज करना है, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाकर उन्हें कार्य के प्रति और अधिक समर्पित बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन लोगों के लिए है जो नियमानुसार पात्रता रखते हैं।
प्रमोशन में 2 साल की छूट का फायदा- जानें नियम और शर्तें
सरकार की नई नीति के अनुसार, विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से होने वाली पदोन्नति में अनुभव या सेवा अवधि की शर्तों में 2 साल की रियायत दी जाएगी। इससे उन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो पदोन्नति के लिए जरूरी न्यूनतम सेवा अवधि पूरी करने के बिल्कुल करीब थे या कुछ समय से अटके हुए थे। हालांकि, इसमें कुछ महत्वपूर्ण अपवाद भी हैं। जिन कार्मिकों ने पहले से ही विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में छूट का लाभ उठा लिया है, उन्हें इस नई छूट से बाहर रखा जाएगा। यह स्पष्टीकरण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दिया गया है ताकि सभी को समान अवसर मिल सकें।
सचिवालय में 149 नए पदों की भर्ती
केवल प्रमोशन ही नहीं, बल्कि नई भर्तियों के मोर्चे पर भी भजनलाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन सचिवालय में काम का दबाव कम करने और कार्य-कुशलता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी है।
इन पदों का विवरण इस प्रकार है:
सहायक शासन सचिव: 15 पद
सहायक अनुभाग अधिकारी: 67 पद
लिपिक ग्रेड प्रथम: 67 पद
सचिवालय में इन पदों के आने से न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों के कारण हो रही देरी भी कम होगी। साथ ही, इससे बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का एक बेहतर अवसर भी प्राप्त होगा।
