Pachpadra Refinery Update: रिफाइनरी से 1 जुलाई 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने के लक्ष्य को लेकर काम ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार और एचपीसीएल के संयुक्त उपक्रम एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) में 20 अप्रैल को क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) में लगी आग के बाद अब मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है। आग से क्षतिग्रस्त उपकरणों को दुरुस्त करने का काम टाटा प्रोजेक्ट्स ने तेज कर दिया है। एचपीसीएल के अनुसार, आग केवल हीट एक्सचेंजर स्टैंक तक सीमित रही, जिससे 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े सहायक उपकरण प्रभावित हुए।
प्रारंभिक जांच में वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग प्वाइंट से रिसाव को आग का संभावित कारण माना गया है। कंपनी का दावा है कि प्रभावित उपकरणों की मरम्मत 3 से 4 सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी और सीडीयू को मई के दूसरे पखवाड़े में पुनः चालू करने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, एचआरआरएल का प्रयास है कि निर्धारित समय सीमा से पहले ही एलपीजी, मोटर स्पिरिट (एमएस), हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) और नैफ्था जैसे मुख्य उत्पादों का परीक्षण उत्पादन मई के दूसरे पखवाड़े से शुरू कर दिया जाए। इससे व्यावसायिक उत्पादन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी। इसी के साथ जून माह में रिफाइनरी के उद्घाटन की संभावना भी जताई जा रही है।
रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में बन रही विभिन्न यूनिट का कार्य अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है, जिस सीडीयू में आग लगी, उसका निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स के जिम्मे है। कई यूनिट का काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ अंतिम चरण में हैं। आग की घटना के बाद सभी लंबित कार्यों को 1 जुलाई से पहले पूरा करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
