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Jaipur Blast: जयपुर टैंकर ब्लास्ट में अब तक 14 की मौत, शवों की पहचान तक नहीं हो पा रही, कई की हालत गंभीर

Jaipur Blast: जयपुर में अजमेर रोड पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने हुए भीषण हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में झुलसे 27 लोग अब भी हॉस्पिटल में भर्ती हैं।

Jaipur Blast: जयपुर में शुक्रवार सुबह हुई इस भीषण दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। हादसा अजमेर रोड पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने हुआ, जहां आग लगने से अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में झुलसे 27 लोग अब भी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इनमें 7 वेंटिलेटर पर हैं। डीसीपी पश्चिम जयपुर अमित कुमार ने बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या अब 14 तक पहुंच चुकी है। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और फंसे हुए लोगों को बचाने का काम शुरू किया। घायलों को सवाई मानसिंह अस्पताल सहित अन्य नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है। आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। 

28 लोग 80 फीसदी से ज्यादा जले

जयपुर के अजमेर रोड पर हुए भीषण हादसे में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इनमें से 28 लोग 80% से ज्यादा जल चुके हैं, और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की हालत इतनी खराब है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। सभी गंभीर घायलों का इलाज जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों को बचाने के लिए इमरजेंसी सेवाएं सक्रिय कर दी हैं। अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती की गई है। घायलों के लिए प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञों और बर्न एक्सपर्ट्स की सहायता ली जा रही है।

डीएनए टेस्ट से होगी शवों की पहचान

जयपुर में हुए इस दर्दनाक हादसे में स्थिति और भयावह हो गई है, क्योंकि कई शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना संभव नहीं हो पा रहा है। सरकार ने डीएनए टेस्ट के जरिए शवों की पहचान करने का निर्णय लिया है। सैंपल सवाई मान सिंह अस्पताल की मोर्चरी से लिए गए हैं। इन सैंपल्स को जांच के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। 6 शव ऐसे हैं, जिनकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है।

खाक हुई बस का 16 महीने पहले खत्म हो चुका था परमिट

शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि जिस बस में आग लगी, उसका परमिट 16 महीने पहले ही समाप्त हो चुका था। यह लापरवाही हादसे की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इस दुर्घटना में कई लोग 80% से अधिक जल चुके हैं। घायलों में से कई की हालत नाजुक है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। एलपीजी गैस का टैंकर जब ट्रक से टकराया तो उसके साथ कई वाहन आपस में भिड़ गए। इस दौरान टकराने वाले वाहनों में एक ट्रक में गैस के सिलेंडर भरे थे, गनीमत रही वो नीचे नहीं गिरे।

जांच और कमेटी का गठन

जयपुर में हुए इस भीषण हादसे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए, राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत को विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव सुधांश पंत के निर्देश पर, हादसे की जांच के लिए संयुक्त जांच दल (Joint Investigation Team) का गठन किया गया है। यह कमेटी दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। 20 जनवरी 2025 तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश। हालांकि, कमेटी ने अगले सप्ताह ही रिपोर्ट प्रस्तुत करने की योजना बनाई है।

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