35.8 C
New Delhi
Thursday, June 11, 2026
Homeराजस्थानGood News For Farmers: राजस्थान के इस बांध से किसानों को मिलेगा...

Good News For Farmers: राजस्थान के इस बांध से किसानों को मिलेगा भरपूर पानी, 10 साल बाद बड़ी खुशखबरी

जालोर : बांडी-सिणधरा बांध के कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के लिए अच्छी खबर है। आगामी बरसात में बांध के लबालब होने से कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। 8.78 करोड की लागत से बांध के 17 किलोमीटर मुख्य केनाल की मरम्मत हो रही हैै। मुख्य केनाल की मरम्मत का कार्य करीब 85 फीसदी पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा नहर में 5 बाॅक्स साइफन का निर्माण करवाया गया है। साथ ही पर्याप्त पानी का बहाव के लिए 10 क्राॅस ड्रेनेज (बरसाती नाले के बहाव के लिए) व एक एक्वडेक्ट (यहां नाले के ऊपर से पाइप लगाकर) भी बनाए जा रहे है।

ऐसे में उम्मीद है कि आगामी समय में बांध के लबालब होने पर जालोर जिले के कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। दरअसल, 1013 एमसीएफटी क्षमता का यह बांध 2003 में बना था। बांध से सोमता गांव तक 17 किमी मुख्य केनाल है। मुख्य केनाल की लेवलिंग सहीं नहीं होने व जगह-जगह साइफन लीकेज होने से किसानों को पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा 2015-17 में बाढ़ के दौरान भी मुख्य केनाल क्षतिग्रस्त हुई थी।

बाढ़ से टूटी थी नहर व साइफन

2015-17 में बाढ के दौरान बांडी-सिणधरा बांध के मुख्य केनाल, माइनर व सब माइनर टूट चुके थे, ऐसे में 2024 में बांध में पर्याप्त पानी की आवक के बाद भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल सका था। बांध से पानी को नदी में छोड़ा गया था।

6019 हेक्टेयर में होती है बांध से सिंचाई

बांडी-सिणधरा बांध जिले का सबसे बड़ा आंध है। बांध के कमाण्ड क्षेत्र में थूर, भरूड़ी, मुड़तरासिली, सोेमता, तवाव व जोडवाड़ा गांव में किसानों को रबी में सीजन में पानी दिया जाता है। बांध में पानी की पर्याप्त आवक होने पर बांध से नहरों के माध्यम से 6 हजार 921 हेक्टेयर में सिंचाई होती है। नहरों की मरम्मत के लिए यह कार्य 2023 में शुरू हुआ था, अब तक 85 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है।

पानी मिलने पर होती है सिंचाई

तवाव, मुड़तरा सिली, सोमता, जोड़वाड़ा गांव के किसान सिंचाई के लिए पानी की समस्या झेल रहे है। इन गांवों में भूमिगत जलस्तर दिनों-दिन गहरा रहा है। इसके अलावा पानी में खारापन की मात्रा अधिक होने से जमीन क्षारिय होती है। ऐसे में बांध के पानी से किसानों को कम लागत में अच्छी सिंचाई हो जाती है।

RELATED ARTICLES
New Delhi
scattered clouds
35.8 ° C
35.8 °
35.8 °
32 %
3.8kmh
50 %
Thu
35 °
Fri
41 °
Sat
40 °
Sun
42 °
Mon
41 °

Most Popular