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Tuesday, August 25, 2026
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IAS Success Story: UPSC की कठिन परीक्षा में सफलता के पीछे छिपी परिवार की वर्षों की मेहनत और त्याग की कहानी

IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। इसे पास करने के लिए अभ्यर्थी सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन कई बार उनकी सफलता के पीछे पूरे परिवार का संघर्ष और त्याग भी होता है।राजस्थान की रहने वाली और गुजरात कैडर की IAS अधिकारी नेहा ब्याडवाल अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने पिता को देती हैं। उनका कहना है कि अगर पिता का साथ और त्याग नहीं होता, तो शायद उनका IAS बनने का सपना पूरा नहीं हो पाता। एक इंटरव्यू में नेहा ने त्याग का अर्थ बताते हुए कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि त्याग का मतलब अपनी इच्छाओं को छोड़ देना है, लेकिन असली त्याग तब होता है जब कोई अपने आराम और सुविधाओं को पीछे छोड़कर किसी और के सपने को अपना सपना बना ले।

ऑफिस से लौटते ही शुरू हो जाती थी पढ़ाई

नेहा ने बताया कि उनके पिता आयकर विभाग में अधिकारी हैं। दिनभर की नौकरी के बाद भी वे घर लौटकर आराम नहीं करते थे। घर आने के करीब आधे घंटे बाद उनकी पढ़ाई शुरू हो जाती थी। उसी दौरान खाना भी खाया जाता और फिर पिता उन्हें पढ़ाने बैठ जाते। नेहा कहती हैं कि दिनभर की थकान के बाद हर व्यक्ति परिवार के साथ समय बिताना चाहता है, लेकिन उनके पिता ने अपनी दिनचर्या बदल दी। उन्होंने घर में पढ़ाई का ऐसा माहौल बनाया कि हर शाम तय समय पर पढ़ाई होती थी। यही अनुशासन उनकी सफलता की मजबूत नींव बना।

तीन बार असफल हुईं, फिर भी नहीं मानी हार

UPSC का सफर नेहा के लिए आसान नहीं था। पहले, दूसरे और तीसरे प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी। आखिरकार चौथे प्रयास में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में ऑल इंडिया रैंक 569 हासिल की और महज 24 साल की उम्र में IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लिया।

तीन साल तक सोशल मीडिया से बनाई दूरी

तैयारी के दौरान नेहा ने खुद को पूरी तरह पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने करीब तीन साल तक सोशल मीडिया और मोबाइल से दूरी बनाए रखी। उनका मानना था कि इतनी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए फोकस और अनुशासन सबसे ज्यादा जरूरी है।दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया छोड़ने से पहले उनके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। आज वही नेहा सोशल मीडिया पर लाखों युवाओं को UPSC की तैयारी से जुड़ी सलाह और अपने अनुभव साझा कर प्रेरित कर रही हैं।

फिलहाल कहां हैं तैनात?

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नेहा ब्याडवाल गुजरात के भरूच में सुपरन्यूमरेरी असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। हाल ही में उन्हें केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग में आठ सप्ताह के लिए असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है। नेहा ब्याडवाल की कहानी बताती है कि UPSC जैसी परीक्षा सिर्फ मेहनत से नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और परिवार के अटूट सहयोग से भी जीती जाती है। तीन असफलताओं के बाद भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और आखिरकार अपने लक्ष्य तक पहुंचकर हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।

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