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Wednesday, December 10, 2025
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Chhattisgarh में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी, नक्सल उन्मूलन पर भी विशेष रणनीति : मुख्यमंत्री साय

Chhattisgarh: विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास तथा राज्य में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास और राज्य में कानून व्यवस्था को सशक्त बनाने के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Chhattisgarh: नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम

बैठक का प्रमुख केंद्र बिंदु देश में लागू हो चुके नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ की तैयारियां रहीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इन कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर पुख्ता व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 27 प्रकार की मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए जा चुके हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को नए प्रावधानों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

Chhattisgarh: थानों, अदालतों और जेलों में ई-साक्ष्य हैंडलिंग क्षमता और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं

सीएम साय ने जानकारी दी कि राज्य की न्याय प्रणाली को डिजिटल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया गया है। पुलिस थानों, अदालतों और जेलों में ई-साक्ष्य हैंडलिंग क्षमता और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक नए कानूनी प्रावधानों के तहत कुल 53,981 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

Chhattisgarh: नक्सल समस्या पर हुई चर्चा

बैठक में नक्सलवाद के स्थायी समाधान को लेकर भी गंभीर विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीते कुछ महीनों में राज्य में चलाए गए समन्वित अभियानों में कई वांछित नक्सली या तो मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने ‘नियाद नेल्लानार योजना’, ‘बस्तर ओलंपिक’, ‘महिला सुरक्षा केंद्र’, और आदिवासी क्षेत्रों में ‘होमस्टे’ व पर्यटन अवसंरचना के विकास जैसे प्रयासों को युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने वाला बताया।

बस्तर को पर्यटन हब बनाने की दिशा में कार्य

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देकर बस्तर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने सराहे प्रयास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य में नए आपराधिक कानूनों को जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नए कानूनी ढांचे का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, सरल, तेज और नागरिकों के हित में बनाना है।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव (विधि) रजनीश श्रीवास्तव और सचिव (गृह) नेहा चंपावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए ये व्यापक प्रयास राज्य को न्याय और सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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