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Saturday, August 8, 2026
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Air India Plane Crash: AI-171 विमान हादसे में नया मोड़, पायलट संगठन ने बिजली की खराबी को बताया क्रैश की वजह

Air India Plane Crash: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने 12 जून, 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद एयर इंडिया बोइंग फ्लाइट एआई-171 के दुखद क्रैश से जुड़ी आधिकारिक बात को चुनौती दी है।   उनका दावा है कि नए सिम्युलेटर डेटा से पता चलता है कि क्रैश की वजह पायलट की अनदेखी नहीं बल्कि सिस्टम में बिजली की बड़ी खराबी थी।

एफआईपी का दावा- जानबूझकर छिपाई गई जानकारी
एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने दावा किया कि जांचकर्ताओं ने जरूरी तकनीकी सबूतों को नजरअंदाज किया और पहले से तय नतीजे को सही साबित करने के लिए भारत के प्रमुख विमानन विषेशज्ञों को जानबूझकर अलग रखा। इस हादसे की आधिकारिक अंतरिम रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फ्लाइट-क्रू ने एक सोची-समझी आत्महत्या की योजना के तहत जानबूझकर इंजन की फ्यूल सप्लाई बंद कर दी थी।

एफआईपी को  सिम्युलेटर टेस्ट में मिले अलग नतीजे
सरकारी जांचकर्ताओं के मुताबिक, मैन्युअल रूप से बंद करने की वजह से विमान का ‘रैम एयर टर्बाइन’ ठीक चार सेकेंड बाद नीचे गिर गया। ‘रैम एयर टर्बाइन’ एक बैकअप पावर सिस्टम है, जो पूरी तरह से बिजली जाने पर अपने आप चालू हो जाता है। हालांकि, रंधावा ने कहा कि एफआईपी ने हाल ही में उस फ्लाइट के वजन, बैलेंस और मौसम की स्थितियों को हूबहू दोहराते हुए विस्तृत सिम्युलेटर टेस्ट किए। उन्होंने कहा कि नतीजों ने आधिकारिक टाइमलाइन को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा, हमारे सिम्युलेटर टेस्ट साबित करते हैं कि मैन्युअल रूप से फ्यूल बंद करने पर बैकअप टर्बाइन को नीचे गिरने में पूरे 18 सेकेंड लगते हैं। मैन्युअल शटडाउन की स्थिति में चार सेकेंड की आधिकारिक टाइमलाइन भौतिक और तकनीकी रूप से असंभव है।”

विमान में आई थी बिजली की बड़ी खराबी?
एफआईपी का तर्क है कि बैकअप टर्बाइन इतनी तेजी से इसलिए चालू हुआ क्योंकि इंजन बंद होने से पहले ही बिजली की एक बड़ी खराबी ने विमान को बेकार कर दिया था। फेडरेशन का दावा है कि इसी सिस्टम की खराबी ने इंजन स्विच को ट्रिप किया और आखिरकार विमान क्रैश हो गया। एफआईपी ने यह भी कहा कि फ्लाइट 171 में बचे एकमात्र व्यक्ति ने बताया था कि विमान के नीचे गिरने (टर्मिनल डिसेंट) से ठीक पहले केबिन की लाइटें टिमटिमा रही थीं और धीमी हो रही थीं, यह जानकारी अचानक और बड़े पैमाने पर बिजली जाने की एफआईपी की थ्योरी से पूरी तरह मेल खाती है।

‘पायलट के आत्महत्या’ वाली थ्योरी पर उठाए सवाल
पायलटों के फेडरेशन ने कहा कि क्रैश हुए विमान का, उस घातक उड़ान से पहले बिजली की अनसुलझी समस्याओं का रिकॉर्ड रहा था। एफआईपी ने आरोप लगाया कि सरकारी जांचकर्ताओं ने भारत के शीर्ष बोइंग 787 एक्सपर्ट माने जाने वाले कैप्टन आरएस संधू को वास्तविक जांच परीक्षणों से जानबूझकर दूर रखा। कैप्टन सीएस रंधावा ने आरोप लगाया, “वे हमारे सबसे अनुभवी पायलट की राय को नजरअंदाज कर रहे हैं क्योंकि उनकी जानकारी से उनकी ‘पायलट के आत्महत्या’ वाली थ्योरी पूरी तरह गलत साबित हो जाएगी। किसी बड़ी मैकेनिकल या सॉफ्टवेयर खराबी का सामना करने के बजाय, उन मृत पायलटों पर दोष मढ़ना आसान है जो अपना बचाव नहीं कर सकते।”

बोइंग और सरकारी एविएशन अथॉरिटी को सौंपा सिम्युलेटर डेटा
एफआईपी ने पुष्टि की है कि उसने अपना सिम्युलेटर डेटा और नतीजे बोइंग और सरकारी एविएशन अथॉरिटी, दोनों को आधिकारिक तौर पर सौंप दिए हैं। फेडरेशन मांग कर रहा है कि जब तक टरबाइन डिप्लॉयमेंट से जुड़ी गणितीय और तकनीकी गड़बड़ियों की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती, तब तक दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित करने पर तुरंत रोक लगाई जाए। एफआईपी ने डाटा की पारदर्शी और निष्पक्ष समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक जांच टीम में कैप्टन संधू को तुरंत वापस शामिल करने की भी मांग की है।

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