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Friday, August 14, 2026
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दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर! सेना को मिले 500 हाई-टेक ‘अजीत’ ड्रोन, जानिए इसकी खासियत

नई दिल्ली: चेन्नई की जुप्पा जिओ नेविगेशन टेक्नोलॉजी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने सेना को पिछले तीन महीनों में 500 से ज्यादा अजीत सीरीज के ड्रोन दिए हैं. ये ड्रोन भारतीय सेना की फ्रंटलाइन यूनिट्स के लिए तैयार किए गए हैं. ये ड्रोन निगरानी और जानकारी जुटाने में मदद करते हैं. सेना इनसे दुश्मन की हरकतों पर नजर रखती है. दुश्मन के इलाके की तस्वीरें ली जाती हैं. साथ ही रियल टाइम जानकारी भी मिलती है. अजीत ड्रोन छोटे और हल्के होते हैं. सैनिक इन्हें आसानी से अपने साथ ले जा सकते हैं. कुछ ड्रोन इतने छोटे हैं कि बैकपैक में रखे जा सकते हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत साइबर सुरक्षा है. आज के समय में ड्रोन को हैक करने का खतरा रहता है. यह दुश्मन सिग्नल को जाम कर सकता है. वह सिस्टम को गुमराह भी कर सकता है. इन्हीं खतरों को ध्यान में रखकर ये ड्रोन बनाए गए हैं. इनमें इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर पार्ट्स भारत में ही बने हैं. इससे सुरक्षा मजबूत होती है.बाहरी सिस्टम पर निर्भरता भी कम होती है.

यह ड्रोन बिना जीपीएस के भी काम कर सकता है

इनमें नवगति नाम का ऑटो पायलट सिस्टम लगा है. यह सिस्टम बिना जीपीएस के भी काम कर सकता है. यानी जहां सिग्नल नहीं होते, वहां भी ड्रोन उड़ते रहते हैं. ये ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर वाले इलाकों के लिए खास हैं. ऐसे इलाकों में दुश्मन सिग्नल को रोकने की कोशिश करता है या गलत सिग्नल देकर सिस्टम को भ्रमित करता है. लेकिन ये ड्रोन ऐसी स्थिति में भी काम करते रहते हैं. ये अपनी दिशा नहीं खोते. ये अपना मिशन पूरा करते हैं. कुछ बड़े ड्रोन करीब एक घंटे तक उड़ सकते हैं. ये कई किलोमीटर तक की दूरी कवर करते हैं. इनमें दिन और रात दोनों के लिए कैमरे लगे हैं. इससे हर समय निगरानी संभव होती है. कंपनी ने ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर सेना के जवानों को ट्रेनिंग भी दी है. उन्हें ड्रोन उड़ाना सिखाया गया है. उन्हें ड्रोन की देखभाल करना भी सिखाया गया है.

जवानों को एक साथ कई ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई

साथ ही जवानों को एक साथ कई ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई है. इसे स्वॉर्म ऑपरेशन कहा जाता है. इसमें कई ड्रोन मिलकर एक साथ काम करते हैं. इससे ज्यादा इलाके की निगरानी हो सकती है. ये तकनीक सेना के लिए बहुत उपयोगी है. इससे ऑपरेशन ज्यादा असरदार बनते हैं. ये ड्रोन STQC से प्रमाणित हैं. इनका सख्त परीक्षण किया गया है. इन्होंने सुरक्षा और भरोसे के सभी मानक पूरे किए हैं. कंपनी के संस्थापक साई पट्टाबिरंम ने कहा कि ड्रोन अब आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब बहुत जरूरी हो गई है.

ड्रोन पूरी तरह भारत में डिजाइन और तैयार किए गए

पहले भारत विदेशी ड्रोन पर ज्यादा निर्भर था. खासकर चीनी सिस्टम का इस्तेमाल होता था. अब भारत अपनी तकनीक पर ध्यान दे रहा है. अजीत सीरीज इसी दिशा में एक बड़ा कदम है. ये पूरी तरह भारत में डिजाइन और तैयार किए गए हैं. जुप्पा सिर्फ ड्रोन ही नहीं बना रही है. कंपनी ने नेविगेशन और ऑटो पायलट सिस्टम भी विकसित किए हैं. डेटा प्रोसेसिंग पर भी काम किया जा रहा है. इन ड्रोन के शामिल होने से सेना को बड़ा फायदा मिलेगा. इससे निगरानी और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी. खासकर सीमावर्ती इलाकों में इनका ज्यादा उपयोग होगा. अजीत ड्रोन भारत की रक्षा ताकत को नई मजबूती दे रहे हैं.  जुप्पा स्वदेशी तकनीक के जरिये देश की सुरक्षा में अहम योगदान दे रही हैं.

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