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Sunday, October 4, 2026
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Hantavirus Outbreak: क्या कोरोना जैसी महामारी बन सकता है हंतावायरस? World Health Organization ने दी बड़ी चेतावनी

Hantavirus Outbreak: दुनियाभर में इस समय हंतावायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह इंफेक्शन भी कोरोना की तरह फैल सकता है? क्या फिर से लॉकडाउन लग सकता है, मास्क पहनना जरूरी होगा और दुनिया एक नई महामारी की तरफ बढ़ रही है? इन तमाम सवालों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने स्थिति साफ कर दी है.

 वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से जानकारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की महामारी प्रबंधन निदेशक डॉ. मारिया वान केरखोव ने साफ कहा कि “यह कोविड नहीं है और न ही फ्लू जैसा वायरस है. इसका फैलने का तरीका पूरी तरह अलग है.” उन्होंने बताया कि अभी जहाज पर मौजूद किसी यात्री या क्रू में नए लक्षण नहीं मिले हैं. पहले भी एंडीज वायरस के मामलों में इंसान से इंसान में इंफेक्शन केवल बेहद करीबी संपर्क में ही देखा गया था.

पहले भी देखे गए हैं मामले

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अलर्ट एंड रिस्पॉन्स कोऑर्डिनेशन विभाग के निदेशक ने बताया कि साल 2018-19 में अर्जेंटीना में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां एक इंफेक्टेड व्यक्ति पब्लिक प्रोग्राम में शामिल हुआ और कई लोग इंफेक्टेड हो गए थे. उन्होंने कहा कि अभी भी स्थिति सीमित दायरे में है और अगर संपर्क में आए लोगों की पहचान और आइसोलेशन जैसे कदम ठीक से अपनाए जाएं तो इंफेक्शन को रोका जा सकता है.

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख का बयान

डब्ल्यूएचओ प्रमुख  टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने बताया कि हंतावायरस चूहों और दूसरे कृंतकों से फैलने वाला वायरस है, जो इंसानों में गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है. लोग आमतौर पर इंफेक्टेड चूहों के यूरिन, लार या मल के संपर्क में आने से इंफेक्टेड होते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में एंडीज स्ट्रेन मिला है, जो लैटिन अमेरिका में पाया जाता है और इंसानों के बीच सीमित स्तर पर फैलने की क्षमता रखता है. उन्होंने बताया कि जहाज पर पहला मामला 6 अप्रैल को सामने आया था. एक व्यक्ति में लक्षण दिखे और 11 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. शुरुआत में उसके सैंपल नहीं लिए गए क्योंकि लक्षण दूसरे सांस से जुड़े इंफेक्शन जैसे लग रहे थे. बाद में उसकी पत्नी भी इंफेक्टेड हुई और सेंट हेलेना से जोहान्सबर्ग जाते समय उसकी हालत बिगड़ गई. 26 अप्रैल को उसकी मौत हो गई.  वहीं कुछ और मरीजों का इलाज अलग-अलग देशों में चल रहा है.

किन देशों में इस वायरस का असर?

फिलहाल जहाज पर करीब 150 यात्री और क्रू सदस्य मौजूद हैं, जो 23 देशों से जुड़े हैं. कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है. अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड, जर्मनी, ब्रिटेन, सिंगापुर और अमेरिका समेत कई देशों में संपर्क में आए लोगों की जांच और निगरानी की जा रही है.  हालांकि अभी तक अधिकतर लोग बिना लक्षण के हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने उन 12 देशों को जानकारी दी है, जिनके नागरिक सेंट हेलेना में जहाज से उतरे थे. इनमें ब्रिटेन, कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स एंड नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्किये और अमेरिका के नागरिक शामिल हैं.

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