13.1 C
New Delhi
Friday, December 12, 2025
Homeबिजनेसआयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद ई-सत्यापन जरूरी, जानें आधार ओटीपी प्रक्रिया

आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद ई-सत्यापन जरूरी, जानें आधार ओटीपी प्रक्रिया

Income Tax Returns: अगर किसी करदाता ने बिना ई-सत्यापन किए अपना रिटर्न दाखिल किया है, तो वह रिटर्न अमान्य माना जाएगा। दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर, 2025 है।

Income Tax Returns: आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के बाद उसका सत्यापन करना अनिवार्य है। आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट पर रिटर्न अपलोड करने के बाद, करदाताओं को 30 दिनों के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यदि सत्यापन नहीं किया जाता, तो रिटर्न अमान्य माना जाएगा। इस वित्तीय वर्ष के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर, 2025 है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई करदाताओं ने रिटर्न दाखिल तो कर लिया, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया की अनदेखी के कारण उनकी प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। सत्यापन के लिए इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन ई-सत्यापन की प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक है।

Income Tax Returns: आधार ओटीपी, सबसे सरल ई-सत्यापन तरीका

आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन सबसे आसान और त्वरित तरीका है। करदाता को सबसे पहले आयकर विभाग की वेबसाइट ‘incometax.gov.in’ पर अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करना होगा। इसके बाद ‘ई-फाइल’ मेनू में जाकर ‘आयकर रिटर्न’ और फिर ‘ई-सत्यापित रिटर्न’ विकल्प चुनना होगा। यहां ‘आधार ओटीपी’ विकल्प का चयन करें। आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे पोर्टल पर दर्ज करना होगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, और पोर्टल पर सफलता का संदेश प्रदर्शित होगा। साथ ही, एक ट्रांजैक्शन आईडी और पंजीकृत ईमेल पर पुष्टिकरण संदेश प्राप्त होगा।

Income Tax Returns: अन्य इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन विकल्प

आधार ओटीपी के अलावा, करदाता नेट बैंकिंग, पूर्व-स्वीकृत बैंक खाते, डीमैट खाते, या एटीएम के माध्यम से भी सत्यापन कर सकते हैं। नेट बैंकिंग के लिए, अपने बैंक खाते में लॉग इन करें और ‘ई-सत्यापित आयकर रिटर्न’ विकल्प चुनें। यदि आपके पास डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) है, तो इसका उपयोग करके भी सत्यापन किया जा सकता है। डीएससी के लिए आपको सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। ये सभी तरीके त्वरित और सुरक्षित हैं, जो मिनटों में सत्यापन प्रक्रिया पूरी करते हैं।

Income Tax Returns: फिजिकल सत्यापन, समय लेने वाली प्रक्रिया

यदि करदाता इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन नहीं चुनता, तो वह ‘आईटीआर-वी’ फॉर्म डाउनलोड कर सकता है। इस फॉर्म पर हस्ताक्षर कर इसकी फिजिकल कॉपी को 30 दिनों के भीतर आयकर विभाग के केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी), बेंगलुरु में भेजना होगा। हालांकि, इस प्रक्रिया में कई दिन लग सकते हैं, और डाक में देरी होने पर सत्यापन प्रभावित हो सकता है। इसलिए, विशेषज्ञ ई-सत्यापन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

विलंब होने पर क्या करें?

यदि 30 दिनों की समयसीमा के भीतर सत्यापन नहीं हो पाता, तो करदाता को ‘विलंब की माफी’ के लिए आवेदन करना होगा। इस आवेदन में विलंब का कारण स्पष्ट करना होगा। यदि आयकर विभाग कारण को उचित मानता है, तो रिटर्न को सत्यापित माना जाएगा। हालांकि, समय पर सत्यापन न करने से रिफंड में देरी या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।

करदाताओं के लिए सलाह

आयकर विशेषज्ञों का कहना है कि ई-सत्यापन न केवल समय बचाता है, बल्कि यह प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाता है। आधार ओटीपी और नेट बैंकिंग जैसे विकल्पों ने सत्यापन को पहले से कहीं अधिक सुगम बना दिया है। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे रिटर्न दाखिल करने के तुरंत बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। आयकर विभाग ने भी करदाताओं से अपील की है कि वे समयसीमा का पालन करें और ई-सत्यापन को प्राथमिकता दें।

यह भी पढ़ें:-

अब 9 कैरेट सोने के गहनों पर भी अनिवार्य होगी हॉलमार्किंग, BIS ने लागू किए नए नियम

RELATED ARTICLES
New Delhi
mist
13.1 ° C
13.1 °
13.1 °
76 %
0kmh
0 %
Thu
19 °
Fri
25 °
Sat
25 °
Sun
25 °
Mon
26 °

Most Popular