नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट में आज सात नए न्यायाधीशों ने पद की शपथ ली। इनमें तीन महिला जज भी शामिल हैं। इन नियुक्तियों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे हाईकोर्ट परिसर में आयोजित किया गया, जहां चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय ने सभी नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई।
जिला अदालतों के 7 न्यायिक अधिकारियों को मिली हाईकोर्ट में जिम्मेदारी
हाईकोर्ट जज के तौर पर शपथ लेने वालों में जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा, भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं। ये सभी इससे पहले दिल्ली की जिला अदालतों में न्यायिक अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
शपथ ग्रहण के दौरान जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा और जस्टिस निशा सहाय सक्सेना ने अंग्रेजी में पद की शपथ ली। वहीं, जस्टिस संजय शर्मा, भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज ने हिंदी में शपथ ली।
2 नियमित जज, 5 एडिशनल जज बने
सात नियुक्तियों में जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा और जस्टिस निशा सहाय सक्सेना ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। वहीं जस्टिस संजय शर्मा, जस्टिस भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, जस्टिस दिनेश भट्ट और जस्टिस अरुण भारद्वाज को एडिशनल जज नियुक्त किया गया है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद 19 सितंबर को इन सात नियुक्तियों की घोषणा की थी। अब इन न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 50 हो गई है।
स्वीकृत क्षमता 60, अभी 10 पद रिक्त
दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 60 है। सात नए जजों की नियुक्ति के बाद भी हाईकोर्ट में स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 10 पद खाली हैं। नई नियुक्तियों से लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के निपटारे की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
