राजधानी दिल्ली की 1500 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए अहम खबर सामने आई है। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने के लिए चल रही प्रधानमंत्री-उदय (PM-UDAY) योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि जल्द घोषित की जा सकती है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक अपनी संपत्ति के मालिकाना हक के लिए आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द आवेदन करने की सलाह दी जा रही है। योजना के तहत पात्र लोगों को संपत्ति के अधिकार से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है। PM-UDAY योजना का उद्देश्य दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उनके घरों का कानूनी मालिकाना हक प्रदान करना है, जिससे उन्हें संपत्ति से जुड़े अधिकार और सुविधाएं मिल सकें।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार प्रधानमंत्री-उदय (PM-UDAY) योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 तक कर सकती है। यदि समय सीमा बढ़ाई जाती है तो उन लोगों को भी योजना का लाभ लेने का मौका मिलेगा, जो अब तक दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से आवेदन नहीं कर पाए थे। PM-UDAY योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया चल रही है। योजना का उद्देश्य लोगों को उनके घरों से जुड़े कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना और संपत्ति संबंधी अनिश्चितता को दूर करना है।
प्रधानमंत्री-उदय (PM-UDAY) योजना का उद्देश्य दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों पर कानूनी स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है। योजना के तहत मालिकाना हक मिलने के बाद लोगों को अपनी संपत्ति से जुड़े कई लाभ मिल सकेंगे। मालिकाना हक मिलने के बाद संपत्ति का पंजीकरण आसान हो जाएगा और लोग बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया भी आसानी से पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा संपत्ति की खरीद-बिक्री भी कानूनी रूप से संभव हो सकेगी, जिससे लोगों को अपनी संपत्ति पर अधिक अधिकार और सुरक्षा मिलेगी। इस योजना से अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों को लंबे समय से चली आ रही संपत्ति संबंधी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही इन कॉलोनियों में विकास कार्यों और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की संभावना है।
अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने वाली पीएम-उदय (PM-UDAY) योजना को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने कई प्रशासनिक बदलाव किए हैं। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर पीएम-उदय सेल बनाए गए हैं और आवेदन प्रक्रिया को भी सरल किया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। पीएम-उदय योजना को वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों पर कानूनी स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है।
कितनी अवैध काॅलोनियां हुई नियमित ?
राजधानी में अब तक कुल करीब 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों को नियमित किया जा चुका है। इन कॉलोनियों में लगभग 45 लाख से अधिक लोग रहते हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक देने के लिए प्रधानमंत्री-उदय (PM-UDAY) योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए नगर निगम के स्वगम पोर्टल पर 24 अप्रैल से आवेदन लिए जा रहे हैं। पात्र लोग नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल पर लॉग इन कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। योजना के तहत मालिकाना हक मिलने से लोगों को संपत्ति पंजीकरण, बैंक ऋण और कानूनी खरीद-बिक्री जैसे मामलों में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
