रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजीबीएसई) ने 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश नियमों में बदलाव किए हैं। अब 75 प्रतिशत उपस्थिति का नियम कड़ाई से लागू किया जाएगा। साथ ही अब बिना अपार आईडी के 9वीं से 12वीं तक की कक्षा में विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके साथ ही अब एक ही सत्र में दो बार मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च और दूसरी जून-जुलाई में होगी। यदि छात्र दूसरी परीक्षा में भी फेल हो जाता है, तो उसे क्रेडिट योजना के तहत अगले साल भी मौका दिया जाएगा। वहीं 75 फीसदी उपस्थिति नहीं होने पर विद्यार्थी प्राइवेट विद्यार्थी के तौर पर परीक्षा में शामिल होंगे।
दो साल से अधिक गैप तो प्राइवेट
नई गाइडलाइन के अनुसार पढ़ाई में एक साल का अंतराल होने पर शपथ-पत्र के साथ नियमित प्रवेश मिल सकता है, लेकिन 2 साल से अधिक गैप होने पर केवल प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में ही परीक्षा दे पाएंगे। ऐसे ही नियमित छात्रों के लिए स्कूल में 75% उपस्थिति अनिवार्य है। यदि किसी विद्यार्थी की उपस्थिति इससे कम रहती है, तो उसका नियमित विद्यार्थी के रूप में आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। विशेष मामलों में मंडल की ओर से उपस्थिति में 10 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है।
प्रवेश 31 जुलाई तक
कक्षा 9वीं से 12वीं तक नियमित प्रवेश की प्रक्रिया 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी। विशेष परिस्थितियों में मंडल सचिव की अनुमति से 17 अगस्त तक प्रवेश लिया जा सकेगा। वहीं, द्वितीय मुख्य परीक्षा (पूरक) के बाद उत्तीर्ण होने वाले छात्र परिणाम आने के 10 दिनों के भीतर प्रवेश ले सकेंगे। कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 31 अगस्त तक नामांकन कराना अनिवार्य है।
75% उपस्थिति नियम सख्ती से लागू
नए प्रावधान के अनुसार, यदि किसी विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम रहती है, तो उसे नियमित विद्यार्थी नहीं माना जाएगा और उसे प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देनी होगी। विशेष परिस्थितियों में मंडल द्वारा अधिकतम 10 प्रतिशत तक छूट दी जा सकती है।
साल में दो बार मुख्य परीक्षा
मंडल ने परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव करते हुए अब एक ही सत्र में दो बार मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। पहली परीक्षा फरवरी और मार्चमें होगी और दूसरी परीक्षा जून-जुलाई में होगी।
