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Saturday, February 7, 2026
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देहरादून–मसूरी हाईवे प्रोजेक्ट: 3500 करोड़ का मेगा प्लान, दो लंबी सुरंगों से कटेंगे पहाड़, जाम से मिलेगी राहत

सुनील सोनकर, मसूरी।
मसूरी आने-जाने वालों के लिए राहत भरी खबर है। देहरादून से मसूरी के बीच घंटों का जाम, खड़ी चढ़ाइयों पर रेंगती गाड़ियां और बरसात में बंद हो जाने वाले रास्ते अब बीते दिनों की बात हो सकते हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

झाझरा से मसूरी लाइब्रेरी चौक तक बनेगा हाईवे

यह नया राष्ट्रीय राजमार्ग झाझरा से लेकर मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक तैयार किया जाएगा। इस हाईवे की सबसे बड़ी खासियत दो लंबी सुरंगें होंगी, जो पहाड़ों के भीतर से होकर गुजरेंगी और यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।

दो सुरंगें बनेंगी परियोजना की जान

नई परियोजना के तहत जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे करीब 2.9 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी। वहीं दूसरी सुरंग मसूरी की पहाड़ियों में लगभग 2 किलोमीटर लंबी होगी। इन सुरंगों के बनने से न केवल दूरी कम होगी, बल्कि तीखे मोड़ों और भूस्खलन प्रभावित इलाकों से भी राहत मिलेगी।

तीसरे स्थायी विकल्प के रूप में उभरेगा नया हाईवे

फिलहाल देहरादून से मसूरी जाने के लिए मुख्य रूप से एक ही मार्ग है, जिस पर पर्यटन सीजन में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग हर बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाता है और कई दिनों तक यातायात ठप रहता है। ऐसे में नया हाईवे देहरादून–मसूरी के बीच तीसरे स्थायी विकल्प के रूप में सामने आएगा।

पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत

मसूरी हर साल लाखों पर्यटकों का स्वागत करती है, लेकिन सीमित सड़कों के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल, अस्पताल और रोजमर्रा की आवाजाही तक प्रभावित होती है। नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से पर्यटकों का दबाव बंटेगा और शहर के भीतर जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।
यह मार्ग चासकोट और खनिज नगर होते हुए एनएच-707ए (मसूरी–कैंपटी फॉल मार्ग) से भी जुड़ेगा, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

भौगोलिक सर्वे शुरू, पहाड़ों की होगी गहन जांच

परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए NHAI ने वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान को भौगोलिक सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। वैज्ञानिक मिट्टी की गुणवत्ता, पहाड़ों की संरचना और भूस्खलन की संभावनाओं का गहन अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो चुका है।

क्या बोले NHAI के परियोजना निदेशक

NHAI के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि देहरादून–मसूरी के बीच बनने वाले नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को स्वीकृति मिल चुकी है। भौगोलिक सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

‘क्वीन ऑफ हिल्स’ के लिए गेमचेंजर साबित होगा प्रोजेक्ट

यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह मसूरी के यातायात इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से यह हाईवे एक गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सुरंगों से होकर गुजरता यह हाईवे पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रखते हुए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतरीन उदाहरण बनेगा।

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