Bihar News: बिहार सरकार की माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति का असर अब साफ दिखने लगा है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह विभाग संभालने के बाद से अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में पटना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। गौरीचक थाना क्षेत्र के अंडारी गांव में रविवार को छापेमारी कर जमीन पर अवैध कब्जा कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने गिरोह के सरगना रौशन कुमार समेत 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
Bihar News: पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पटना पूर्वी के पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी ईस्ट) परिचय कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि अंडारी क्षेत्र में कुछ अपराधी हथियारों के साथ इकट्ठा होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। गिरोह के सदस्यों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। इस दौरान एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं – रौशन कुमार (सरगना), पप्पू कुमार, अमित कुमार, सोनू उर्फ राजनीश कुमार, अमलेश कुमार, गौतम कुमार, संतु कुमार, सूर्यजीत कुमार, बंटी कुमार, मोहम्मद गुलाम और मनीष कुमार।
Bihar News: बरामदगी और अपराध का तरीका
छापेमारी में पुलिस ने अपराधियों के पास से दो देसी कट्टा, सात जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और लगभग 11 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सक्रिय थे। वे लोगों से संपर्क कर विवादित या अवैध जमीनों पर हथियार के बल पर कब्जा दिलाने का वादा करते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह पटना और आसपास के इलाकों में लंबे समय से सक्रिय था। हथियारों की मौजूदगी से साफ है कि वे डराकर-धमकाकर अपना काम चलाते थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, शराबबंदी कानून और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
Bihar News: सम्राट चौधरी की नीति का असर
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग का कार्यभार संभालते ही माफिया और अपराधियों पर सख्ती का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि जमीन, बालू और शराब माफिया पर किसी भी हाल में कार्रवाई होगी। राज्यभर में सैकड़ों माफियाओं की लिस्ट तैयार की गई है और उनकी संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इस गिरफ्तारी को उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
पटना पुलिस की इस कार्रवाई से आम लोगों में राहत की लहर है। भूमि विवाद बिहार में अपराध का बड़ा कारण रहे हैं। ऐसे गिरोहों के सक्रिय होने से गरीब और कमजोर लोग अक्सर अपनी जमीन गंवा बैठते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गिरोहों पर लगाम कसने से भूमि संबंधी अपराधों में कमी आएगी।
Bihar News: भूमि माफिया की समस्या और सरकार की तैयारी
बिहार में भूमि माफिया लंबे समय से सक्रिय हैं। वे फर्जी दस्तावेज बनाकर, धमकी देकर या हथियार के बल पर जमीन हड़पते हैं। राज्य सरकार ने अब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के जरिए इनकी संपत्तियों की जांच तेज कर दी है। हाल ही में कई जिलों में बालू और भूमि माफियाओं की लिस्ट बनाकर कार्रवाई शुरू हुई है। विशेष जांच दल (एसटीएफ) भी गठित किए गए हैं।
यह कार्रवाई नीतीश कुमार सरकार के सुशासन के एजेंडे को मजबूत करने वाली है। लोगों का मानना है कि अगर ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहीं तो अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भूमि संबंधी धमकी या अवैध कब्जे की शिकायत हो तो तुरंत सूचना दें। गुप्त सूचनाओं पर त्वरित एक्शन लिया जाएगा।
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