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सुनीता विलियम्स ने नासा से लिया रिटायरमेंट: सबसे सफल महिला अंतरिक्ष यात्री बनी इतिहास

Sunita Williams: अनुभवी NASA एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स रिटायर हो गई हैं। उनके विज्ञान और तकनीक में योगदान ने आर्टेमिस मिशन और मंगल यात्रा की नींव रखी।

Sunita Williams: भारतीय मूल की प्रसिद्ध नासा एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने 27 साल के शानदार और ऐतिहासिक करियर के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा से रिटायरमेंट ले लिया है। उनका यह फैसला 27 दिसंबर 2025 को प्रभावी हुआ, जब उन्होंने औपचारिक रूप से नासा से विदाई ली। यह रिटायरमेंट उनके नौ महीने के लंबे और चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष मिशन के ठीक बाद आया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था।

Sunita Williams: नासा एडमिनिस्ट्रेटर का विशेष संदेश

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने सुनीता विलियम्स की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा, “सुनीता विलियम्स ह्यूमन स्पेसफ्लाइट में एक ट्रेलब्लेजर रही हैं। उन्होंने आईएसएस पर अपने नेतृत्व से एक्सप्लोरेशन के भविष्य को आकार दिया और लो अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल मिशनों के लिए रास्ता तैयार किया। उनके विज्ञान और तकनीक में योगदान ने आर्टेमिस मिशन और मंगल यात्रा की नींव रखी। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। नासा और देश के लिए आपकी सेवा के लिए धन्यवाद।”

Sunita Williams: भारतीय जड़ों वाली अमेरिकी एस्ट्रोनॉट

सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता डॉ. दीपक पांड्या गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव के मूल निवासी थे, जो न्यूरोएनाटोमिस्ट थे। उनकी मां बोनी पांड्या स्लोवेनियाई मूल की हैं। सुनीता ने नीडहम, मैसाचुसेट्स को अपना होमटाउन माना। उन्होंने नौसेना में फाइटर पायलट के रूप में सेवा दी और कई विमानों पर उड़ान भरी।

Sunita Williams: अंतरिक्ष करियर की शुरुआत और उपलब्धियां

सुनीता का अंतरिक्ष सफर 9 दिसंबर 2006 को शुरू हुआ, जब वे स्पेस शटल डिस्कवरी (एसटीएस-116) पर लॉन्च हुईं। इसके बाद एसटीएस-117 में स्पेस शटल अटलांटिस से लौटीं। एक्सपीडिशन 14-15 के दौरान फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर उन्होंने चार स्पेसवॉक पूरे किए। 2012 में एक्सपीडिशन 32-33 में 127 दिन के मिशन पर गईं और एक्सपीडिशन 33 की कमांडर बनीं—आईएसएस की कमांड संभालने वाली कुछ महिलाओं में से एक।

उनका सबसे लंबा और चर्चित मिशन जून 2024 में शुरू हुआ। बोइंग स्टारलाइनर क्रू फ्लाइट टेस्ट में बुच विल्मोर के साथ लॉन्च हुईं। शुरू में 8-10 दिन का प्लान था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण मिशन 286 दिनों तक चला। वे एक्सपीडिशन 71 और 72 में शामिल रहीं और मार्च 2025 में स्पेसएक्स क्रू-9 के जरिए सुरक्षित लौटीं।

Sunita Williams: रिकॉर्ड और योगदान

सुनीता ने कुल 9 स्पेसवॉक पूरे किए, जो 62 घंटे 6 मिनट तक चले—यह किसी भी महिला एस्ट्रोनॉट का सबसे लंबा स्पेसवॉक रिकॉर्ड है। वे नासा की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। वे स्पेस में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान भी बनीं। उन्होंने नासा के NEEMO अंडरवाटर ट्रेनिंग, रूस में ऑपरेशन डायरेक्टर और हाल ही में आर्टेमिस मिशन के लिए हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।

Sunita Williams: रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी

रिटायरमेंट के बाद सुनीता अपने पति माइकल जे. विलियम्स के साथ समय बिताना चाहती हैं। उन्हें कुत्तों के साथ खेलना, वर्कआउट, घरों का रेनोवेशन, कार-हवाई जहाज पर काम करना, हाइकिंग और कैंपिंग पसंद है।

Sunita Williams: विरासत और प्रेरणा

सुनीता विलियम्स न केवल भारतीय मूल की सबसे सफल एस्ट्रोनॉट हैं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी यात्रा ने दिखाया कि तकनीकी चुनौतियों के बावजूद दृढ़ता और नेतृत्व से कितना कुछ हासिल किया जा सकता है। नासा ने कहा कि उनकी विरासत चांद और मंगल मिशनों में जीवित रहेगी।

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