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Friday, January 16, 2026
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Russia Ukraine war: अमेरिका का आरोप, यूक्रेन के खिलाफ ‘क्लोरोपिक्रिन’ केमिकल हथियार का उपयोग कर रहा रूस, लगाए और प्रतिबंध

Russia Ukraine war: अमेरिका का कहना है कि रूस ने चोकिंग एजेंट क्लोरोपिक्रिन को यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ तैनात किया है। अमेरिका ने रूस पर दंगा नियंत्रण के लिए यूक्रेन में एजेंटों का उपयोग करने का भी आरोप लगाया है।

Russia Ukraine war: रूस और यूक्रेन में युद्ध अभी भी जारी है। बुधवार को संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस पर रासायनिक हथियार क्लोरोपिक्रिन प्रतिबंध का उल्लंघन का आरोप लगाया है| संयुक्त राज्य अमेरिका कहना है कि रूस ने यूक्रेन के खिलाफ रासायनिक हथियार का प्रयोग किया है। अमेरिका का कहना है कि रूस ने चोकिंग एजेंट क्लोरोपिक्रिन को यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ तैनात किया है।

अमेरिका ने रूस पर दंगा नियंत्रण के लिए यूक्रेन में एजेंटों का उपयोग करने का भी आरोप लगाया है। अमेरिका ने कहा कि रूस यूक्रेन में आंसू गैस का भी उपयोग कर रहा है, जो देखने की क्षमता को खत्म कर सकता है, यानी अंधा कर सकता है। बता दें कि रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) ने क्लोरोपिक्रिन को प्रतिबंधित चोकिंग एजेंट लिस्ट में डाला है।

रूस पर बढ़ाए गए अधिक प्रतिबंध:

अमेरिका ने रूस की मेटल, एनर्जी और माइनिंग क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों को बैन कर दिया है। साथ ही अमेरीका ने युद्ध में अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अब तक 280 से अधिक व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों की लिस्ट भी जारी की है| अमेरिका का कहना है कि इस निर्णय से रूस की शक्ति कम होगी।

रूस पर क्लोरोपिक्रिन के प्रयोग का आरोप:

अमेरिकी बयान में दावा किया गया है कि जहां-जहां यूक्रेन की सेना रूस को भारी नुकसान पहुंचा रही थी उन सभी क्षेत्रों में में एक दो बार नहीं बल्कि इस तरह के रासायनिक हथियारों का उपयोग कई बार किया गया है। अमेरिका ने मॉस्को की आलोचना की और कहा कि रूस ने युद्ध में “CWC” का उल्लंघन किया है|

उसने यह भी कहा कि रूस पहले भी इसका उल्लंघन कर चुका है जब उसके एजेंटों ने एलेक्सी नवलनी, सर्गेई और यूलिया स्क्रिपल को केमिकल वेपन से मार डाला था।

रासायनिक और जैविक हथियार बनाने वाली कंपनियों पर बैन:

अमेरीका ने तीन रूसी कंपनियों जो की मॉस्को में रासायनिक और जैविक हथियार बना रही थी उन्हें ने बैन कर दिया है। इनमें से एक यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ क्लोरोपिक्रिन का उपयोग करने का प्लॉट बनाने वाली रूस की स्पेशल मिलिट्री यूनिट भी शामिल है। अमेरिकी प्रतिबंधों के अंतर्गत ऐसी संस्थाओं की जमीन पर मौजूद संपत्ति को जब्त कर लिया जाता है और भविष्य में वे किसी भी अमरीकी के साथ व्यापार नहीं कर सकते हैं।

क्या है क्लोरोपिक्रिन:

रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) ने क्ल्लोरोपिक्रिन को प्रतिबंधित चोकिंग एजेंट के रूप में सूचीबद्ध किया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1993 के रासायनिक हथियार संधि (CWC) को लागू और उसकी निगरानी के लिए हेग में इस संस्था को बनाया गया था। क्लोरोपिक्रिन,एक रासायनिक यौगिक है जिसका उपयोग नेमाटाइडाइड और घातक कीटनाशक के रूप में किया जाता है।

इसे पीएस और नाइट्रोक्लोरोफॉर्म नामों से भी जाना जाता है| इसका उपयोग गैस या लिक्विड दोनों ही रूप में किया जा सकता है। जहां ल्क्विड रूप में इसकी थोड़ी सी बूंद भी जानलेवा हो सकती है। वही गैस फॉर्म में इसकी छोटी सी मात्रा किसी को भी मौत की नींद सुला सकती है।

अमेरिका का आरोप है कि यूक्रेन को घुटनों के बल लाने के लिए रूस इसी केमिकल वेपन का उपयोग कर रहा है| प्रथम विश्व युद्ध में इस क्लोरोप्रिकिन नामक केमिकल वेपन का उपयोग किया गया था। इसे बाद में जर्मनी की सेना ने सहयोगी देशों की सेना के खिलाफ इस्तेमाल किया।

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