Iran Protests: ईरान में अली खामेनेई सरकार के खिलाफ आर्थिक संकट और राजनीतिक बदलाव की मांग को लेकर शुरू हुए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन दो सप्ताह से अधिक समय से जारी हैं। सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई में हजारों मौतें रिपोर्ट हुई हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उन्हें बहुत महत्वपूर्ण स्रोतों से जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या रुक गई है और प्रस्तावित फांसियां नहीं होंगी।
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Iran Protests: 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी की फांसी टली
प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी की फांसी 14 जनवरी को होने की आशंका जताई जा रही थी। मानवाधिकार संगठनों और उनके परिवार के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी महज कुछ दिनों पहले हुई थी और ट्रायल बेहद तेजी से पूरा किया गया। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने भी इस पर चिंता जताई थी। ट्रंप के बयान के बाद परिवार को सूचना मिली कि फांसी स्थगित कर दी गई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि फांसी का कोई प्लान नहीं है और हैंगिंग सवाल ही नहीं उठता।
Iran Protests: ट्रंप की चेतावनी और अमेरिका की सैन्य तैयारी
ट्रंप ने पहले कई बार ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार जारी रहा या फांसी दी गई तो अमेरिका बहुत मजबूत कार्रवाई करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर ईरानी प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि जारी रखो, मदद आ रही है और संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश करें। ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों से मुलाकातें भी रद्द कर दी थीं। बुधवार को जब उनसे पूछा गया कि क्या अब सैन्य कार्रवाई का विकल्प खत्म हो गया, तो ट्रंप ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, हम देखेंगे कि क्या होता है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सब बहुत परेशान होंगे और आप (ईरान) भी बहुत परेशान होंगे। उन्होंने स्रोतों की पहचान नहीं बताई, लेकिन कहा कि जानकारी “दूसरी तरफ के महत्वपूर्ण लोगों” से मिली है।
Iran Protests: प्रदर्शनों की स्थिति और मौतों का आंकड़ा
प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में आर्थिक संकट, रियाल की गिरावट और महंगाई से शुरू हुए थे, जो जल्द ही खामेनेई शासन के खिलाफ राजनीतिक मांगों में बदल गए। मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, 2,500 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं, जबकि हजारों गिरफ्तार हैं। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों (मुख्य रूप से अमेरिका और इजरायल) द्वारा प्रायोजित दंगाई और आतंकवादी करार दिया है। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को सड़कें बर्बाद करने वाला बताया और ट्रंप की मदद की अपील पर तंज कसा। ईरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप की स्थिति में क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी भी दी है।
Iran Protests: अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और तनाव
ट्रंप के बयान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि युद्ध की आशंका कम हुई। हालांकि, ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे उड़ानें प्रभावित हुईं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 15 जनवरी को ईरान की स्थिति पर बैठक करने वाली है। यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने ईरान पर मानवाधिकार उल्लंघन के लिए सख्ती की मांग की है। ट्रंप ने स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही और उम्मीद जताई कि फांसी रुकने की जानकारी सही साबित होगी।
ट्रंप का यह बयान ईरान में तनाव को कुछ राहत दे सकता है, लेकिन सैन्य विकल्प अभी भी खुले हैं। प्रदर्शनकारी जारी संघर्ष कर रहे हैं, जबकि सरकार सख्ती बरत रही है। स्थिति नाजुक बनी हुई है और आने वाले दिनों में और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। ईरान में शांति और मानवाधिकार बहाली की उम्मीद अब अंतरराष्ट्रीय दबाव और ट्रंप की नीति पर टिकी है।
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