India-US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई महत्वपूर्ण बातचीत ने भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर था, खासकर रूस से तेल खरीद और टैरिफ मुद्दों को लेकर।
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India-US Trade Deal: ट्रंप-मोदी फोन कॉल की शुरुआत
सोमवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर लंबी बातचीत की। इसकी पहली जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर दी। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “स्टे ट्यून्ड…” जिससे संकेत मिला कि कुछ बड़ा होने वाला है। राजदूत गोर ने पुष्टि की कि दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
India-US Trade Deal: ट्रंप का ट्रुथ सोशल पोस्ट
बातचीत के तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। वह मेरे सबसे अच्छे मित्रों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने व्यापार, रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।”
ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका तथा संभावित रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “यह यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में मदद करेगा, जहां हर सप्ताह हजारों लोग मारे जा रहे हैं।” ट्रंप ने इसे युद्ध रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
India-US Trade Deal: व्यापार समझौता – टैरिफ में कटौती
ट्रंप ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध और दोनों की मित्रता के आधार पर भारत-अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता हो गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू है। इसके तहत अमेरिका भारत से आयातित वस्तुओं पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। साथ ही, रूस से तेल खरीद के कारण लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ भी हटा लिया जाएगा। कुल मिलाकर पहले 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका टैरिफ अब 18 प्रतिशत रह जाएगा।
ट्रंप के अनुसार, भारत अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य करने की दिशा में कदम उठाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ नीति के तहत अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीदारी का वादा किया है, जिसमें 500 अरब डॉलर से अधिक के ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद शामिल हैं। ट्रंप ने कहा, “हमारे भारत के साथ संबंध और मजबूत होंगे। मोदी और मैं ऐसे लोग हैं जो काम करके दिखाते हैं।”
India-US Trade Deal: प्रधानमंत्री मोदी का एक्स पोस्ट – स्वागत और धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “आज अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर बेहद खुशी हुई कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत की 140 करोड़ की आबादी की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को हार्दिक धन्यवाद।”
मोदी ने आगे कहा, “जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और पारस्परिक लाभकारी सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं। वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। मैं उनके साथ मिलकर काम करने और हमारी साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तत्पर हूं।”
India-US Trade Deal: अमेरिका ने लगाया था 50 प्रतिशत टैरिफ
यह विकास ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर रूस से तेल खरीद के कारण अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। ट्रंप की नीति रूस पर दबाव बनाने की रही है ताकि यूक्रेन युद्ध प्रभावित हो। भारत, जो रूस से सस्ता तेल खरीदता रहा है, अब अमेरिकी दबाव में बदलाव की ओर बढ़ सकता है।
इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर एक दिन बाद अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं, जहां इस समझौते की औपचारिकताएं और आगे की चर्चा हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा, भारतीय निर्यात सस्ता होगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। हालांकि, रूस से तेल पर निर्भरता कम करने के भारत के फैसले पर घरेलू और वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ सकती है।
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