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Friday, November 6, 2026
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अफगानिस्तान में भूकंप ने मचाई तबाही, 800 से ज्‍यादा मौतें, सैंकड़ों घायल, दिल्ली और पाकिस्तान में भी झटके

Earthquake: अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई। अब तक 9 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए।

Earthquake: अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि को 6.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके भारत के दिल्ली-एनसीआर और पाकिस्तान में भी महसूस किए गए। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जलालाबाद से 27 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में 8 किलोमीटर की गहराई पर था। यह भूकंप 1 सितंबर 2025 को 12:47 AM IST (19:17:34 UTC) पर दर्ज किया गया। भूकंप इतना तेज था कि इसने अफगानिस्तान में भारी तबाही मचाई, जिसमें 800 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई है, वहीं सैंकड़ों घायल हो गए है।

Earthquake: दिल्ली और पाकिस्तान में भी झटके

अफगान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने रॉयटर्स को बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भूकंप के बाद की तस्वीरों में दिख रहा है कि कई घर मलबे में तब्दील हो गए। इस प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। भारत में दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में भी झटके महसूस किए गए, जिसके चलते लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, भारत में अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

Earthquake: हिंदूकुश: भूकंप का सक्रिय क्षेत्र

रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान का हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र भूवैज्ञानिक रूप से अत्यधिक सक्रिय है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है, जहां से एक फॉल्ट लाइन हेरात तक जाती है। इस वजह से इस इलाके में हर साल भूकंप आते रहते हैं। पिछले महीने ही 2 अगस्त को 5.5 तीव्रता और 6 अगस्त को 4.2 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि सतही भूकंप, जैसे कि यह 8 किलोमीटर गहराई वाला भूकंप, गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं। सतही भूकंपों में कंपन सतह तक तेजी से पहुंचता है, जिससे इमारतों को नुकसान और जनहानि की आशंका बढ़ जाती है।

Earthquake: भूकंप का वैज्ञानिक कारण

पृथ्वी की सतह टेक्टॉनिक प्लेट्स पर टिकी है, जो इसके नीचे मौजूद तरल लावा पर तैरती हैं। इन प्लेट्स के आपस में टकराने से दबाव बनता है, जिसके कारण उनके किनारे मुड़ जाते हैं या टूटने लगते हैं। इस प्रक्रिया में नीचे से ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता तलाशती है, जिससे भूकंप आता है। अफगानिस्तान जैसे क्षेत्रों में टेक्टॉनिक प्लेट्स की गतिविधियां अधिक होने के कारण भूकंप बार-बार आते हैं।

रिक्टर स्केल: भूकंप की तीव्रता का माप

भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है, जो एक गणितीय पैमाना है। यह स्केल भूकंप के केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा के आधार पर 1 से 9 तक की तीव्रता को मापता है। इस मामले में 6.0 तीव्रता का भूकंप मध्यम से गंभीर श्रेणी में आता है, जो सतही होने के कारण अधिक नुकसानदायक हो सकता है।

क्षेत्र में दहशत, राहत कार्य शुरू

भूकंप के बाद अफगानिस्तान में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए सक्रिय हैं। भारत और पाकिस्तान में भूकंप के झटकों ने लोगों को सतर्क कर दिया है, हालांकि इन देशों में नुकसान की कोई बड़ी खबर नहीं है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में भविष्य में भी भूकंप की संभावना बनी रहेगी, जिसके लिए तैयार रहना जरूरी है।

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