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BJP सांसद भोले और पूर्व सांसद वारसी भिड़े: गुंडा और हिस्ट्रीशीटर पर तीखे तीर, हाथापाई की नौबत

UP News: दिशा समिति की बैठक जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। यह बैठक विकास समीक्षा से शुरू हुई और गुंडागर्दी की बहस में बदल गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक विकास एजेंडे से ज्यादा सियासी रस्साकशी का केंद्र बन गई। अकबरपुर से बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी (राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति) के बीच तीखी नोकझोंक इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। सांसद भोले ने खुद को “सबसे बड़ा गुंडा” और “हिस्ट्रीशीटर” बताते हुए पलटवार किया, जबकि वारसी ने उन्हें “गुंडों के चेयरमैन” कहा। जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित यह बैठक स्थगित करनी पड़ी। मौके पर एसपी और अपर पुलिस अधीक्षक ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली। यह घटना बीजेपी के आंतरिक वर्चस्व विवाद को उजागर करती है, जो जिले की राजनीति को प्रभावित कर रही है।

UP News: विकास समीक्षा से शुरू हुई गुंडागर्दी की बहस

दिशा समिति की बैठक जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। सांसद भोले को कमेटी का चेयरमैन बताया जा रहा है। पूर्व सांसद वारसी को भी बोलने की इजाजत दी गई, लेकिन वारसी ने सांसद भोले पर हमला बोलते हुए कहा कि वे समिति का दुरुपयोग कर रहे हैं। वारसी ने आरोप लगाया, “भोले ने अपने कुछ गुंडे लोगों को जबरदस्ती सदस्य बनाया है। ये लोग आम जनता को निशाना बनाते हैं, अपमानित करते हैं, झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं और फैक्ट्री मालिकों से वसूली करते हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भोले को इलाज की जरूरत है। वे यहां के गुंडों के चेयरमैन हैं।” इस आरोप ने बैठक में मौजूद अधिकारियों और अन्य सदस्यों के बीच हंगामा मचा दिया।

UP News: सांसद भोले का जोरदार पलटवार, मुझसे बड़ा गुंडा कोई नहीं

वारसी के आरोपों पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले भड़क गए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, अगर गुंडागर्दी की बात हो रही है, तो मुझसे बड़ा गुंडा कोई नहीं। मैं कानपुर देहात का सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं। भोले ने वारसी पर हर चुनाव से पहले माहौल खराब करने और अधिकारियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। बहस इतनी तीखी हो गई कि दोनों नेताओं के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि सांसद भोले कुर्सी से उठकर वारसी की ओर बढ़े, जबकि वारसी ने भी जवाबी तेवर दिखाए। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने पीटीआई को बताया, बैठक के दौरान ही तीखी बहस शुरू हो गई। वारसी को बोलने का मौका दिया गया था, लेकिन बातें बिगड़ गईं।

UP News: पुलिस का हस्तक्षेप, बैठक स्थगित

बवाल बढ़ते देख मौके पर मौजूद एसपी अनुराग वत्स और अपर पुलिस अधीक्षक ने मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों नेताओं को शांत किया और बैठक को स्थगित घोषित कर दिया। एसपी ने कहा, “हमने स्थिति नियंत्रित कर ली। विकास कार्यों पर चर्चा बाद में होगी।” इस घटना से जिले में सियासी हलचल तेज हो गई। बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच फूट की चर्चा हो रही है। विपक्ष ने इसे बीजेपी की आंतरिक कलह का सबूत बताया। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, योगी राज में बीजेपी के लोग ही एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं।

UP News: पुराना वर्चस्व विवाद

दोनों नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई का इतिहास पुराना है। अनिल शुक्ला वारसी पूर्व सांसद हैं और योगी सरकार में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति। कुछ महीने पहले जुलाई 2025 में प्रतिभा शुक्ला ने कथित फर्जी एससी/एसटी केस के खिलाफ कानपुर देहात थाने पर धरना दिया था। उस समय वारसी ने सांसद भोले पर हमला बोला था, अगर मेरी पत्नी राजनीति में न होतीं, तो मैं भोले के खिलाफ चुनाव लड़ता और सबक सिखाता। फरवरी 2022 में भी ब्राह्मण गौरव को लेकर बीजेपी विधायक प्रतिभा शुक्ला और सांसद भोले के बीच टकराव हुआ था। शुक्ला ने कहा था, भोले ब्राह्मणों के वोट लेते हैं लेकिन उनकी सुनते नहीं। भोले ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि आरोप बेबुनियाद हैं। यह विवाद जिले की राजनीति में सुर्खियां बटोरता रहा।

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