Road Accident: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में नेशनल हाईवे-34 पर अरनिया थाना क्षेत्र के घटाल गांव के पास रविवार देर रात एक दिल दहलाने वाला सड़क हादसा हुआ। कासगंज से राजस्थान के गोगामेड़ी जा रहे गोगाजी भक्तों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार कंटेनर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 43 लोग घायल हो गए। मृतकों में एक बच्चा, दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, और पुलिस ने कंटेनर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है।
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Road Accident: हादसे का खौफनाक मंजर
हादसा रविवार रात करीब 2:15 बजे हुआ, जब कासगंज के सोरों थाना क्षेत्र के रफातपुर गांव के 60 से अधिक श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर गोगामेड़ी में जाहरबीर (गोगाजी) के दर्शन के लिए जा रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रैक्टर सड़क किनारे रुका था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी, जिससे ट्रॉली पलट गई। हादसे में लोग सड़क पर बिखर गए, और चीख-पुकार मच गई। मृतकों की पहचान ईयू बाबू (40), घनीराम (40), शिवांश (6), मोक्षी (40), रामबेटी (65), चांदनी (12), योगेश (50), और विनोद (45) के रूप में हुई है। सभी मृतक रफातपुर गांव के निवासी थे।
Road Accident: पुलिस और प्रशासन का त्वरित एक्शन
हादसे की सूचना मिलते ही बुलंदशहर के जिला मजिस्ट्रेट श्रुति और एसएसपी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस, स्थानीय लोग और राहगीरों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। 23 घायलों को खुर्जा के कैलाश अस्पताल, 10 को जिला अस्पताल, और 10 को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया, “43 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें तीन की हालत नाजुक है। कंटेनर को जब्त कर लिया गया है, और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
Road Accident: कंटेनर की लापरवाही और ट्रैक्टर की स्थिति
प्रारंभिक जांच में पता चला कि कंटेनर की रफ्तार बहुत तेज थी, और ट्रैक्टर सड़क किनारे रुका हुआ था। ट्रैक्टर-ट्रॉली को डबल डेकर बनाया गया था, जिसमें 60 से अधिक लोग सवार थे, जो नियमों का उल्लंघन है। कंटेनर फरीदाबाद, हरियाणा की संध्या पत्नी संदीप के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, ट्रैक्टर में इतने लोग ठूंसकर यात्रा कर रहे थे, जो असुरक्षित था। हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
श्रद्धालुओं का दर्द और सामाजिक सवाल
हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में असुरक्षित वाहनों से सामूहिक यात्रा की प्रथा पर सवाल उठाए हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली में 60 से अधिक लोगों को ले जाना न केवल खतरनाक था, बल्कि यातायात नियमों का भी उल्लंघन था। गोगामेड़ी यात्रा के लिए श्रद्धालु अक्सर सस्ते और आसानी से उपलब्ध साधनों का उपयोग करते हैं, लेकिन इसकी कीमत इस बार भारी पड़ी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि धार्मिक यात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन और सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन हो।
सीएम योगी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया और घायलों के त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह हादसा बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों और दिल्ली मेट्रो किराया वृद्धि जैसे अन्य मुद्दों के बीच उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा पर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।
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