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Sunday, October 4, 2026
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न SIM की जरूरत, न WiFi का झंझट! Airtel शुरू कर रहा सैटेलाइट-टू-मोबाइल इंटरनेट सेवा

Airtel ने Starlink की मदद से सैटेलाइट-टू-मोबाइल कनेक्टिविटी सर्विस शुरू की है. एलिजिबल ग्राहकों को ये सर्विस 30 दिनों तक मुफ्त मिलेगी. इसके जरिए यूजर बिना मोबाइल नेटवर्क के भी कुछ जरूरी सर्विस का इस्तेमाल कर सकेंगे. हालांकि, आपको बता दें कि फिलहाल इस सर्विस को कंपनी ने अफ्रीका में शुरू किया है. Airtel Africa और SpaceX ने पार्टनरशिप करके इस सर्विस को शुरू किया है.

30 दिन का फ्री ट्रायल, WhatsApp और SMS की सुविधा

Airtel Africa के एलिजिबल कस्टमर्स MyAirtel ऐप के जरिए इस मुफ्त ट्रायल के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. शुरुआत में इस सर्विस के जरिए कम डेटा वाले काम किए जा सकेंगे. इनमें WhatsApp मैसेजिंग और SMS शामिल हैं. फिलहाल ये सुविधा कुछ चुनिंदा Android स्मार्टफोन पर उपलब्ध है. इसके लिए कुछ नियम और शर्तें भी लागू होंगी. ये सर्विस उन जगहों पर खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क की पहुंच नहीं है. ऐसे क्षेत्रों में सपोर्टेड स्मार्टफोन सीधे Starlink सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेंगे.

सैटेलाइट डिश या अलग डिवाइस की जरूरत नहीं

इस सेवा की खास बात यह है कि ग्राहकों को Starlink डिश, सैटेलाइट फोन या किसी अलग डिवाइस की जरूरत नहीं होगी. सपोर्टेड स्मार्टफोन सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेगा. हालांकि, फोन के पास आसमान की क्लियर विजिबिलिटी होनी जरूरी होगी. अगर यूजर किसी इमारत के अंदर है या सैटेलाइट सिग्नल के रास्ते में कोई रुकावट है, तो सर्विस प्रभावित हो सकती है. Airtel Africa के मुताबिक, गैर-स्थलीय नेटवर्क कवरेज वाले क्षेत्रों में ग्राहक तब तक जरूरी कम्युनिकेशन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे, जब तक उनके फोन को आसमान का साफ सीन मिलता रहे. कंपनी ने DRC में इस सेवा को अफ्रीका की पहली सैटेलाइट-टू-मोबाइल सर्विस बताया है.

फ्री ट्रायल में WhatsApp और SMS

30 दिन के ट्रायल के दौरान एलिजिबल ग्राहक WhatsApp मैसेजिंग और SMS का इस्तेमाल कर सकेंगे. हालांकि, इसे नॉर्मल फास्ट मोबाइल इंटरनेट सर्विस नहीं समझना चाहिए. ये सुविधा मुख्य रूप से जरूरी कम्युनिकेशन और कुछ कम डेटा वाले कामों के लिए बनाई गई है. Airtel ने इस ऑफर के तहत नॉर्मल वॉयस कॉलिंग या पूरी मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवा की घोषणा नहीं की है. इसका मतलब है कि सैटेलाइट कनेक्टिविटी मौजूदा मोबाइल नेटवर्क की जगह लेने के बजाय उन इलाकों में उसका साथ देगी, जहां सामान्य नेटवर्क उपलब्ध नहीं है.

दूरदराज के इलाकों में बढ़ेगी नेटवर्क की पहुंच

दूरदराज और कम आबादी वाले इलाकों में मोबाइल टावर और दूसरी नेटवर्क सुविधाएं पहुंचाना काफी मुश्किल और महंगा हो सकता है. सैटेलाइट-टू-मोबाइल तकनीक ऐसे क्षेत्रों में हर जगह मोबाइल टावर लगाए बिना नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकती है. इसका फायदा किसानों, स्वास्थ्यकर्मियों, राहत और मानवीय संगठनों, खनन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स कंपनियों को मिल सकता है.

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