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विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, एक सुनहरे युग का हुआ समापन

Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी।

Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और आधुनिक युग के सबसे सफल बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। 15 वर्षों तक भारत के लिए सबसे लंबे प्रारूप में अपनी बेजोड़ बल्लेबाजी और कप्तानी का जादू बिखेरने वाले कोहली ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 9,230 रन बनाए और कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के गवाह बने।

Virat Kohli का यह फैसला चौंकाने वाला

कोहली का यह फैसला क्रिकेट जगत के लिए काफी चौंकाने वाला रहा, खासकर इसलिए क्योंकि वह इस समय जबरदस्त फॉर्म में हैं। हाल ही में समाप्त हुई इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए उन्होंने 63.13 की औसत से 505 रन बनाए थे। वहीं, भारतीय टीम को अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं और कोहली अपने टेस्ट करियर में 10,000 रनों की दहलीज के बेहद करीब थे।

Virat Kohli: 68 टेस्ट में कप्तानी करते हुए 40 मैचों में दिलाई जीत

टेस्ट क्रिकेट को कोहली ने हमेशा प्राथमिकता दी और इसे अपना पसंदीदा फॉर्मेट बताया। बतौर कप्तान उन्होंने इस प्रारूप को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। 68 टेस्ट में कप्तानी करते हुए 40 मैचों में भारत को जीत दिलाई और टीम को पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जिताने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। कोहली को टेस्ट क्रिकेट का “आधुनिक ब्रांड एंबेसडर” भी माना गया है, जिन्होंने फिटनेस, आक्रामकता और जुनून के साथ इस खेल को खेला और युवाओं को प्रेरित किया।

Virat Kohli: टेस्ट इतिहास के चौथे सबसे सफल कप्तान

उनकी कप्तानी और कोच रवि शास्त्री के साथ की गई साझेदारी को भारतीय टेस्ट क्रिकेट का स्वर्णिम युग माना जाता है। कोहली टेस्ट इतिहास के चौथे सबसे सफल कप्तान हैं, जिनसे आगे केवल ग्रीम स्मिथ, रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ हैं। बीसीसीआई ने भी उनके संन्यास पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, आपका धन्यवाद विराट कोहली। टेस्ट क्रिकेट में एक युग का समापन हुआ, लेकिन आपकी विरासत हमेशा बनी रहेगी।

2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था टेस्ट डेब्यू

कोहली ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और जल्द ही टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली थी। उन्होंने 29 टेस्ट शतक और 7 दोहरे शतक लगाए, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा हैं। बतौर कप्तान 20 टेस्ट शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उनके करियर का सबसे यादगार लम्हा 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ रहा, जब उन्होंने पांच टेस्ट की सीरीज में 583 रन बनाए और अपने 2014 के प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया।

कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं

2016 से 2019 तक का समय उनके करियर का स्वर्णिम दौर रहा। इस दौरान उन्होंने लगभग 66 की औसत से रन बनाए और कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं। हालांकि, 2024 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और 9 पारियों में सिर्फ 190 रन ही बना सके।

टी20 फॉर्मेट से पहले ही ले चुके हैं संन्यास

विराट कोहली पहले ही टी20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं और वनडे में आखिरी बार वह 2025 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खेले थे, जहां भारत ने खिताब जीता था।

कोहली की मेहनत, खेल के प्रति समर्पण और टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उन्हें हमेशा यादगार बनाता रहेगा। उन्होंने न केवल आंकड़ों से बल्कि अपने खेल के अंदाज और आचरण से भी भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी। उनके संन्यास के साथ ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट का एक गौरवशाली अध्याय समाप्त हो गया है, लेकिन उनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक उदाहरण बनी रहेगी।

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