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Tuesday, September 1, 2026
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अहमदाबाद को मिली 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, भारत ने रचा इतिहास

Commonwealth Games 2030: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में भारत को बड़ा तोहफा मिला है। अहमदाबाद को वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी गई है। यह खेलों का विशेष शताब्दी संस्करण होगा।

Commonwealth Games 2030: भारत ने एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल कर ली है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रही कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) की जनरल असेंबली में बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद शहर को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का ऐलान किया गया। यह भारत का दूसरा मौका होगा जब वह इन खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली ने सफलतापूर्वक कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था।

Commonwealth Games 2030: बोली में नाइजीरिया को पछाड़ा

2030 की मेजबानी के लिए भारत का मुकाबला नाइजीरिया की राजधानी अबुजा से था। हालांकि सीजीएफ ने अनोखा फैसला लेते हुए नाइजीरिया को 2034 संस्करण के लिए विचार में रखने का ऐलान किया। इसके साथ ही भारत को 2030 के लिए एकमात्र मेजबान घोषित कर दिया गया।

Commonwealth Games 2030: ‘नया स्वर्णिम युग शुरू’ –सीजीएफ अध्यक्ष

ऐलान के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा, ‘यह कॉमनवेल्थ खेल आंदोलन के लिए एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत है। ‘गेम्स रीसेट’ के बाद हम ग्लासगो 2026 की शानदार तैयारी कर रहे हैं, जहां 74 कॉमनवेल्थ देशों-क्षेत्रों की टीमें हिस्सा लेंगी। इसके बाद अहमदाबाद 2030 पर हमारी नजरें होंगी, जो कॉमनवेल्थ गेम्स का विशेष शताब्दी संस्करण आयोजित करेगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारत पैमाना, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल जुनून और वैश्विक प्रासंगिकता लेकर आता है। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि 2034 और उसके बाद के संस्करणों के लिए भी कई देशों ने गहरी रुचि दिखाई है।’

Commonwealth Games 2030: पीटी उषा ने जताया आभार

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और ओलंपिक पदक विजेता पीटी उषा ने कहा, ‘कॉमनवेल्थ परिवार ने भारत पर जो भरोसा जताया है, उससे हम गौरवान्वित हैं। 2030 के खेल न सिर्फ कॉमनवेल्थ आंदोलन के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव भी रखेंगे। ये खेल कॉमनवेल्थ के सभी देशों के एथलीट्स, समुदायों और संस्कृतियों को दोस्ती, एकता और प्रगति की भावना से जोड़ेंगे।’ भारत की बढ़ती खेल ताकत को मिली मुहर
सीजीएफ ने भारत को दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बताते हुए कहा कि यहां खेलों का इतिहास बेहद समृद्ध है। हाल के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत लगातार शीर्ष तीन में रहा है। 2022 बर्मिंघम गेम्स में भारत ने 61 पदक (22 स्वर्ण) जीते थे। अहमदाबाद की बोली भारत की खेल प्रतिबद्धता और आधुनिक, भव्य खेल आयोजन की क्षमता का प्रमाण है।

Commonwealth Games 2030: ऐलान के साथ गुजराती संस्कृति का जलवा

अहमदाबाद को मेजबानी मिलते ही जनरल असेंबली हॉल में भारतीय रंग छा गया। 20 गरबा डांसर और 30 ढोल वादक अचानक हॉल में प्रवेश किए और डेलीगेट्स को पारंपरिक गुजराती गरबा व ढोल की धुन पर झूमने पर मजबूर कर दिया। कुछ ही मिनटों में पूरा हॉल तालियों और हर्षध्वनि से गूंज उठा।

2010 से 2030: भारत का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति

2010 दिल्ली गेम्स के समय कई विवाद हुए थे, लेकिन उसके बाद पिछले 15 सालों में भारत में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव आया है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद) दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, जहां 1.32 लाख दर्शक बैठ सकते हैं। इसके अलावा सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एनक्लेव, एक्वाटिक्स सेंटर, नए वेलोड्रोम समेत दर्जनों विश्वस्तरीय सुविधाएं गुजरात में पहले से मौजूद हैं या तेजी से बन रही हैं।

2030 गेम्स की खासियत

  • यह कॉमनवेल्थ गेम्स का 100वां साल होगा।
  • पहली बार किसी शहर को “शताब्दी खेल” आयोजित करने का गौरव मिलेगा।
  • केवल 10-12 खेलों का कॉम्पैक्ट संस्करण होगा (2026 मॉडल की तरह) ताकि लागत कम रहे और ज्यादा देश हिस्सा ले सकें।

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