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Wednesday, August 19, 2026
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Ram Navami: इस बार रवि योग में मनेगी राम नवमी, जानिए पूजन का शुभ मुहूर्त

Ram Navami: रामनवमी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष अयोध्या में राम मंदिर बनने के कारण इस बार की रामनवमी और भी खास होगी। रामनवमी को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़ा है। इस वर्ष, भगवान रामलला का सूर्य तिलक अयोध्या के राम मंदिर में होगा।

Ram Navami: रामनवमी को भगवान राम के जन्मदिन के रूप में पूरे देश में उत्सव मनाया जाता है। हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है| राम नवमी पर इस बार पूरे दिन रवि योग का शुभ संयोग है। आइए जानते हैं रामनवमी का महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त। इस वर्ष 17 अप्रैल को रामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा। रामनवमी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।

इस वर्ष अयोध्या में राम मंदिर बनने के कारण इस बार की रामनवमी और भी खास होगी। रामनवमी को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़ा है। इस वर्ष, भगवान रामलला का सूर्य तिलक अयोध्या के राम मंदिर में होगा। भगवान राम का जन्म त्रेतायुग में चैत्र शुक्ल नवमी को हुआ था। अयोध्या एक बार फिर भगवान राम के जन्मदिन को मनाने के लिए सज गई है। आइए जानते हैं राम नवमी का इतिहास, महत्व और इस दिन होने वाले शुभ योगों के बारे में।

कब है Ram Navami:

इस वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 23 मिनट पर राम नवमी शुरू होगी । 17 अप्रैल को दोपहर 3 बजे 14 मिनट पर इसका समापन होगा। राम नवमी का पर्व उदया तिथि के अनुसार 17 अप्रैल को मनाया जाएगा। चैत्र नवरात्र भी राम नवमी के दिन समाप्त होगा। नौ दिन का व्रत रखने वाले लोग राम नवमी के दिन पूजा करके नवरात्रि का व्रत समाप्त करेंगे।

राम नवमी पर शुभ योग:

भगवान राम का जन्मदिन इस बार राम नवमी पर धूमधाम से मनाया जाएगा। राम नवमी पर इस बार पूरे दिन रवि योग है। साथ ही इस दिन आश् लेषा नक्षत्र भी रात भर रहने वाला है।

राम नवमी के शुभ समय:

राम नवमी की पूजा का सर्वोत्तम समय 11 बजे 50 मिनट से 12 बजे 21 मिनट तक होगा। इस समय शुभ चौघड़िया भी होगा। 11 बजे 50 मिनट से 1 बजे 38 मिनट के समय भी पूजन किया जा सकता है।

पौराणिक मान्यताओं में कहा गया है कि माता कौशल्या ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर चैत्र शुक्ल नवमी के दिन विष्णु अवतार राम को जन्म दिया था। तब से, यह दिन भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मठों और मंदिरों में भंडारे, यज्ञ और हवन किए जाते हैं।

राम नवमी के महात्य की बात करें तो इस दिन घर में पूजा और हवन करने से सुख और संपन्नता मिलती है और माता लक्ष्मी खुश होती है। माता सीता को लक्ष्मी स्वरूपा मानते हैं। भगवान राम के साथ माता सीता की पूजा करने से आप मां लक्ष्मी की कृपा पाते हैं और आपके घर में धन आता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियाँ सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। विभिन्न माध्यमों से एकत्रित करके ये जानकारियाँ आप तक पहुँचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज़ सूचना पहुँचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज़ सूचना समझकर ही लें। किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि का होना संयोग मात्र है। Bynewsindia. com इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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