राजस्थान हाइकोर्ट को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है. हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सुरक्षा चौकी के जवानों ने सत्यमेव जयते भवन को खाली करा दिया. मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने भवन की गहन तलाशी शुरू कर दी है. यह इस साल की छठी ऐसी घटना है. इससे पहले 6, 17, 19 और 20 फरवरी को भी धमकी भरे ई-मेल्स प्राप्त हो चुके हैं.
कोर्ट परिसर में सर्च जारी
कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन जारी है. हाईकोर्ट परिसर में कुछ नहीं मिला. सर्च प्रोटोकॉल के बाद परिसर को खोल दिया जाएगा. कुछ ही देर में हाईकोर्ट की प्रोसिडिंग शुरू की जाएगी. इससे पहले कल भी जयपुर में निजी शिक्षण संस्थानों में, सेशन कोर्ट में भी इस तरह की धमकी आई थी. धमकियों में लगातार तमिलनाडु का भी जिक्र देखा जाता है.
कोर्ट में सुनवाई होती है बाधा
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बार के अध्यक्ष राजीव कुमार सोगरवाल ने बताया कि इस तरह की धमकियों का मिलना गलत है. हमारी कमिश्नर और डीजीपी से यही मांग है कि जल्द से जल्द इन मामलों में कार्रवाई की जाए. इन धमकियों के पीछे कोई बाहरी ताकते हैं या देसी ताकते हैं या कोई शरारती तत्व ऐसा कर रहा है. इसकी जांच जरूरी है. कोर्ट की कार्रवाई इससे बाधित होती है.
70 से अधिक धमकी भरी सूचनाएं आईं
पिछले 2 वर्षों में जयपुर पुलिस को शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों को उड़ाने की करीब 70 से अधिक धमकी भरी सूचनाएं प्राप्त हुई हैं. अधिकांश धमकियों का पैटर्न एक जैसा होता है. देर रात से जल्दी सुबह के बीच ईमेल आता है. प्रशासन को पूरे तामझाम के साथ जांच के लिए पहुंचना पड़ता है. इस प्रक्रिया में कम से कम दो घंटे लग जाते हैं. इन धमकियों में सबसे ज्यादा निशाना संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले संस्थानों पर रहता है. पिछले साल सवाई मानसिंह स्टेडियम को 7 बार, हाईकोर्ट की जयपुर पीठ को 12 बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है. कुल 29 स्कूलों, 5 होटलों, 4 बार एयरपोर्ट और 10 बार मेट्रो स्टेशनों को भी इन धमकियों में निशाना बनाया गया.
