Maharashtra Municipal Corporation: महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनावों के लिए नामांकन पत्रों की जांच 31 दिसंबर को पूरी हो गई। इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ी सफलता मिली है। पार्टी के छह उम्मीदवार बिना मुकाबले चुने गए, जिससे मतदान से पहले ही भाजपा का खाता खुल गया। ये जीतें कल्याण-डोंबिवली, पनवेल और धुले नगर निगमों में हुईं। ज्यादातर मामलों में विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने या कोई प्रतिद्वंद्वी न होने के कारण ये निर्विरोध जीतें हुईं।
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Maharashtra Municipal Corporation: कल्याण-डोंबिवली में भाजपा की हैट्रिक
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) में भाजपा ने तीन सीटें बिना मुकाबले जीत लीं। वार्ड 18-ए (ओबीसी आरक्षित) से अनुभवी पार्षद और भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रेखा चौधरी निर्विरोध चुनी गईं। वह इस वार्ड से एकमात्र उम्मीदवार थीं। वार्ड 26-सी से पहली बार चुनाव लड़ रही आरएसएस से जुड़े परिवार की आसावरी नवरे भी बिना मुकाबले जीत गईं। वार्ड 26-बी से रंजना पेरकर निर्विरोध चुनी गईं। इन तीनों महिलाओं की जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पार्टी का खाता महिला नेताओं ने खोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विजेताओं की वीडियो कॉल भी करवाई। फडणवीस ने कहा कि बिना मुकाबले की जीत जनता के भरोसे का संकेत है और कुछ क्षेत्रों में मजबूत विरोधी न होने का प्रमाण है।
Maharashtra Municipal Corporation: पनवेल में नितिन पाटिल की निर्विरोध जीत
पनवेल नगर निगम में भाजपा के नितिन पाटिल वार्ड 18-बी से बिना मुकाबले चुने गए। उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी, शेतकरी कामगार पार्टी के रोहन गावंड का नामांकन जाति प्रमाण पत्र में गड़बड़ी के कारण जांच में रद्द हो गया। इससे भाजपा को इस क्षेत्र में मजबूत शुरुआत मिली।
धुले में दो सीटें भाजपा के खाते में
धुले नगर निगम में भी भाजपा ने दो सीटें निर्विरोध जीत लीं। हाल ही में एनसीपी (शरद पवार गुट) से भाजपा में शामिल हुईं उज्ज्वला भोसले (शहर जिला अध्यक्ष रंजीत भोसले की पत्नी) की जीत पक्की हो गई, क्योंकि विरोधियों के नामांकन रद्द हो गए। दूसरी सीट वार्ड 6-बी से ज्योत्सना प्रफुल पटील ने बिना मुकाबले जीती।
Maharashtra Municipal Corporation: महायुति में गठबंधन की दरारें उजागर
चुनावों में महायुति गठबंधन (भाजपा, शिंदे शिवसेना और अजित पवार एनसीपी) के अंदर मतभेद सामने आए हैं। मुंबई और ठाणे में भाजपा-शिंदे शिवसेना ने सीट शेयरिंग की है, लेकिन 29 में से 24 नगर निगमों में सहमति नहीं बनी। परिणामस्वरूप, जलना, परभणी, लातूर, अमरावती, पिंपरी-चिंचवड़, छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर, अकोला, मालेगांव, नांदेड, नागपुर, सांगली, नासिक, धुले, पुणे, मुंबई, ठाणे, उल्हासनगर, नवी मुंबई, मीरा-भायंदर, भिवंडी और वसई-विरार जैसे शहरों में महायुति की तीनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रही हैं।
भाजपा-अजित पवार एनसीपी गठबंधन केवल अकोला, अहमदनगर और पनवेल में है। भाजपा-शिंदे शिवसेना गठबंधन चंद्रपुर, नागपुर, मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और भिवंडी तक सीमित है। इचलकरंजी, कोल्हापुर और जलगांव में भी ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति है।
चुनाव की बड़ी तस्वीर
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों के लिए 33,606 नामांकन दाखिल हुए। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 2 जनवरी है। मतदान 15 जनवरी को होगा और परिणाम 16 जनवरी को आएंगे। भाजपा की शुरुआती सफलता ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है, जबकि गठबंधन में दरारें विपक्ष के लिए अवसर पैदा कर सकती हैं।
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