Yumnam Khemchand Singh: मणिपुर में राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को दिल्ली में विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधानसभा दल का नेता चुना, जिससे वे राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह फैसला उस समय आया है जब राज्य पिछले लगभग एक साल से राष्ट्रपति शासन के अधीन था, जो फरवरी 2025 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लगाया गया था। खेमचंद सिंह जल्द ही शपथ ग्रहण करेंगे, संभवतः बुधवार या गुरुवार को इंफाल में।
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Yumnam Khemchand Singh: युमनाम खेमचंद सिंह का प्रोफाइल
62 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के करीबी माने जाते हैं। वे सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं (2017 और 2022)। उनकी राजनीतिक यात्रा 2012 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से शुरू हुई, जब वे सिंगजामेई सीट से जीते। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए और 2017 से इस सीट पर लगातार विजयी रहे। 2017 में उन्हें मणिपुर विधानसभा का स्पीकर बनाया गया, जहां उन्होंने सरकार को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाई। बाद में उन्हें शिक्षा, आवास विकास, निकाय प्रशासन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए। वे भाजपा के अनुभवी चेहरों में शुमार हैं।
खास बात यह है कि खेमचंद सिंह ताइक्वांडो के मास्टर हैं। वे पारंपरिक दक्षिण कोरियाई ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट प्राप्त करने वाले पहले भारतीय हैं। खेल से राजनीति में आए इस नेता को अनुशासन और नेतृत्व के लिए जाना जाता है।
Yumnam Khemchand Singh: 2022 में भी सीएम की चर्चा
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 32 सीटें जीतीं, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी में होड़ मची। उस समय खेमचंद सिंह, थोंगम बिस्वजीत सिंह और एन. बीरेन सिंह के बीच मुकाबला था। दिल्ली में चर्चा हुई और खेमचंद सिंह को बुलाया गया, लेकिन बीरेन सिंह ने पद संभाला। RSS के समर्थन से उनकी मजबूत स्थिति थी, लेकिन तब वे कैबिनेट मंत्री बने रहे। अब बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद और राज्य में जातीय तनाव के बीच खेमचंद सिंह को चुना गया है।
Yumnam Khemchand Singh: राजनीतिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रपति शासन
मणिपुर पिछले साल से जातीय हिंसा (मुख्य रूप से मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच) से जूझ रहा है। बीरेन सिंह के नेतृत्व में स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद फरवरी 2025 में उन्होंने इस्तीफा दिया और राष्ट्रपति शासन लगा। अब 13 फरवरी 2026 तक राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले चुनी हुई सरकार बहाल करने की जरूरत थी। भाजपा ने दिल्ली में बैठक कर खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से नेता चुना। नए मंत्रिमंडल में कुकी-ज़ो समुदाय से पहली महिला उप-मुख्यमंत्री (संभावित रूप से नेमचा किपगेन) और नगा प्रतिनिधित्व की संभावना है, ताकि जातीय संतुलन बनाया जा सके।
Yumnam Khemchand Singh: शपथ ग्रहण और चुनौतियां
खेमचंद सिंह बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शपथ ग्रहण इंफाल के राज भवन में संभवतः शाम को होगा। नए मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में शांति बहाल करना, जातीय सौहार्द कायम करना और विकास कार्यों को गति देना है। भाजपा का मानना है कि उनके अनुभव, RSS कनेक्शन और संतुलित दृष्टिकोण से मणिपुर में स्थिरता आएगी।
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