Success Story: बिहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में 5 सितंबर 2026 को पासिंग आउट परेड हुई. परेड के बाद देश को 253 सैन्य अफसर मिले हैं. इनमें शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल एंट्री) पुरुष-65 के 218 और एसएससी (टेक्निकल) महिला-36 की 35 अफसर कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बनीं. इन्हीं में से एक हैं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की आरुषि पांडे.
10वीं-12वीं में रहीं टॉपर
भोपाल की मेधावी छात्रा और राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी आरुषि पांडे की सक्सेस स्टोरी कमाल की है, जो PRO डिफेंस प्रयागराज ने सोशल मीडिया पर शेयर की है. आरुषि की सफलता की कहानी इस रूढ़िवादी सोच को तोड़ती है कि कुछ क्षेत्र केवल पुरुषों के लिए हैं. एक युवा महिला का टेक बैकग्राउंड से निकलकर भारतीय सेना में नेतृत्व के शीर्ष पद बटालियन कैडेट एडजुटेंट तक पहुंचना हर लड़की को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देता है. PRO डिफेंस प्रयागराज के अनुसार, आरुषि पांडे स्कूल की हेड गर्ल हुआ करती थीं. उन्होंने 10वीं में 92% और 12वीं में 95.6% अंक हासिल किए थे. इसके बाद उन्होंने एआई और मशीन लर्निंग में 8.8 CGPA के साथ कंप्यूटर साइंस से B.Tech पूरा किया.
टेबल टेनिस में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी
आरुषि पांडे पढ़ाई के साथ-साथ तैराकी और टेबल टेनिस में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रही हैं, जहाँ उन्होंने कई स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए. शिक्षा और खेल के बाद आरुषि ने भारतीय सेना में अफसर बनने तक का सफर तय कर लिया है, जो उत्कृष्टता, समर्पण और देशभक्ति की मिसाल है.
एनसीसी से सेना अफसर बनने का सफर
आरुषि ने थल सेना कैंप में भाग लिया और देश भर की 100 चुनिंदा महिला एनसीसी कैडेट्स में चुनी जाकर ओटीए चेन्नई में अटैचमेंट ट्रेनिंग प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में SSB इंटरव्यू क्रैक किया. ओटीए गया में प्रशिक्षण के दौरान अपनी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के बल पर वह सीनियर अंडर ऑफिसर से प्रतिष्ठित बटालियन कैडेट एडजुटेंट के पद तक पहुंचीं.
