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Thursday, July 16, 2026
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किश्तवाड़ मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर सहित तीन आतंकी ढेर, ऑपरेशन त्राशी-1 में बड़ी सफलता

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी आई है। अधिकारी मानते हैं कि विदेशी आतंकवादियों का यह समूह क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन संयुक्त प्रयासों से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। ऑपरेशन जारी रहने से क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीद बढ़ गई है।

Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दुर्गम जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए। इनमें संगठन का एक प्रमुख कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल है, जो पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय था और कई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। यह ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत चलाए गए संयुक्त अभियान का हिस्सा था, जिसमें सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर कार्रवाई की।

Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ के चतरू इलाके में ऑपरेशन त्राशी-1

नागरोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर (सेना की 16 कोर) ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि विश्वसनीय खुफिया सूत्रों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी से प्राप्त जानकारी के आधार पर किश्तवाड़ के चतरू इलाके में ऑपरेशन त्राशी-1 शुरू किया गया था। रविवार सुबह करीब 11 बजे सीआईएफ डेल्टा, व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर दुर्गम इलाके में आतंकवादियों से दोबारा संपर्क स्थापित किया।

Kishtwar Encounter: तीन पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी ढेर

मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी मारे गए। प्रारंभिक जांच में एक की पहचान जैश कमांडर सैफुल्लाह के रूप में हुई है, जो पिछले दो वर्षों से क्षेत्र में छिपा था और कम से कम 20 बार पकड़े जाने से बच चुका था। मारे गए आतंकवादियों के शव जले हुए हालत में बरामद हुए, जो मुठभेड़ की तीव्रता को दर्शाता है। सुरक्षा बलों ने दो एके-47 राइफलें सहित अन्य हथियार और युद्ध सामग्री बरामद की।

Kishtwar Encounter: जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को बड़ा झटका

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि यह क्षेत्र में विदेशी आतंकवादियों का एक समूह सक्रिय है, जो किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर जिलों के बीच ठिकाना बदलता रहता है। सुरक्षा बल लगातार इनका पीछा कर रहे हैं, जिसके कारण आतंकी हमला करने के बजाय भागते फिर रहे थे। इस ऑपरेशन से जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

Kishtwar Encounter: इस महीने दूसरी बड़ी कार्रवाई

किश्तवाड़ के चतरू और आसपास के घने जंगलों में पिछले एक साल में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक दर्जन से अधिक मुठभेड़ें हो चुकी हैं। इस महीने यह दूसरी बड़ी घटना है। 4 फरवरी को इसी इलाके में एक जैश आतंकी मारा गया था। ऑपरेशन त्राशी-1 जनवरी में शुरू हुआ था और अब तक इसमें चार जैश आतंकी ढेर हो चुके हैं।

सेना ने कहा कि तलाशी अभियान जारी है। जो भी शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसे कोई पनाह नहीं मिलेगी। व्हाइट नाइट कोर ने जोर दिया कि खुफिया जानकारी पर आधारित ये ऑपरेशन आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हैं।

अमित शाह के निर्देश पर मिशन मोड

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू मंडल के पहाड़ी जिलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों को पूरी तरह निष्क्रिय करने के सख्त निर्देश दिए हैं। 7 फरवरी को जम्मू दौरे के दौरान उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में पूर्ण शांति स्थापित करने के लिए मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया था। सुरक्षा बलों की यह सफलता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी आई है। अधिकारी मानते हैं कि विदेशी आतंकवादियों का यह समूह क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन संयुक्त प्रयासों से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। ऑपरेशन जारी रहने से क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीद बढ़ गई है।

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