सोशल मीडिया पर अक्सर आईएएस अधिकारियों की केवल ‘ग्लैमरस’ तस्वीरें और रील्स ही सुर्खियां बटोरती हैं, लेकिन असल जिंदगी में एक सिविल सर्वेंट का काम जमीन पर कितना चुनौतीपूर्ण होता है, इसकी बानगी पेश की है साल 2020 बैच की आईएएस अधिकारी परी बिश्नोई ने. मई 2026 में ही सिक्किम के पाकयोंग जिला कलेक्टर पद की जिम्मेदारी संभालने वाली आईएएस परी बिश्नोई ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से प्रशासनिक सेवा की असली और कठिन सच्चाई को बयां किया है.
आईएएस परी बिश्नोई की पोस्ट
पाकयोंग डीएम के रूप में कमान संभालते ही IAS परी बिश्नोई ने लैंडस्लाइड रभावित इलाकों का मौका-मुआयना किया और फील्ड निरीक्षण की तस्वीरें व वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए. उन्होंने इन दुर्गम पहाड़ों में काम करने के अनुभव को बेहद अनूठे अंदाज में साझा करते हुए लिखा-” पहाड़ी इलाकों में काम करने का मतलब है लंबी यात्राएं, बदलता मौसम और उन दिनों के लिए तैयार रहना जिनकी आप उम्मीद करते हैं कि वे कभी न आएं.” उनकी इस पोस्ट को सोशल मीडिया यूजर्स खूब पसंद कर रहे हैं और आपदा के समय ग्राउंड पर मुस्तैद रहने के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं.
राजस्थान की बेटी और हरियाणा की बहू हैं परी
बता दें कि परी बिश्नोई का नाता दो राज्यों से बेहद खास है. वे राजस्थान की बेटी व हरियाणा की बहू हैं. परी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर जिले की नोखा तहसील स्थित काकड़ा गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता मनीराम बिश्नोई वकील हैं और मां सुशीला बिश्नोई पुलिस में कांस्टेबल हैं. परी के दादा गोपीराम बिश्नोई पूर्व सरपंच रह चुके हैं. वहीं, 24 दिसंबर 2023 को परी की शादी हरियाणा के आदमपुर से भाजपा के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई से हुई, जिससे वह हरियाणा की बहू बनीं. भव्य बिश्नोई के दादा भजन लाल हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. परी और भव्य का एक बच्चा भी है.
तीसरे प्रयास में बनीं IAS, ऐसा रहा सफर
परी बिश्नोई ने अपनी स्कूली शिक्षा अजमेर के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमेन से ग्रेजुएशन और अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. उन्होंने यूजीसी-नेट और जेआरएफ की परीक्षा भी पास की. साल 2019 की यूपीएससी परीक्षा में अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल की और महज 23-24 साल की उम्र में आईएएस अधिकारी बन गईं. सिक्किम कैडर की इस तेजतर्रार अधिकारी ने पाकयोंग डीएम बनने से पहले गंगटोक की एसडीएम और नई दिल्ली स्थित सिक्किम हाउस में उप-आवासीय आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं.
