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Friday, November 6, 2026
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Economic Survey: वित्त मंत्री ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण, भारत की जीडीपी विकास दर 6.5 से 7 प्रतिशत रहने का अनुमान

Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से सोमवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में अनुमान जताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से लेकर 7 प्रतिशत के बीच रह सकती है।

Economic Survey: पिछले वित्त वर्ष में 8.2 प्रतिशत की मजबूत जीडीपी वृद्धि के बावजूद, 2023-24 के आर्थिक सर्वेक्षण ने रूढ़िवादी रूप से चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6.5-7 प्रतिशत लगाया है। वित्त मंत्रालय ने ताजा आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में रूढ़िवादी पूर्वानुमान का विकल्प चुना है, हालांकि बाजार को बहुत अधिक वृद्धि संख्या की उम्मीद थी। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंथा नागेश्वरन की देखरेख में तैयार किए गए 522 पन्नों के दस्तावेज में कहा गया है, सर्वेक्षण रूढ़िवादी रूप से 6.5 फीसदी से 7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाता है। चालू वित्त वर्ष में भी भारत की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा रहेगा।

भारत की जीडीपी विकास दर 6.5 से 7 प्रतिशत रहने का अनुमान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए गए। सर्वेक्षण में बताया गया कि अप्रैल में वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के मुताबिक, 2023 में वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.2 प्रतिशत रही है। यह दुनिया के अन्य देशों की अर्थव्यवस्था की स्थिति को दिखाता है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी 6.5 प्रतिशत से लेकर 7 प्रतिशत बढ़ सकती है। इसमें जोखिम को समायोजित किया गया है।

मजबूत जीडीपी विकास दर के पीछे महत्वपूर्ण कारण

चालू वित्त वर्ष में भारत की मजबूत जीडीपी विकास दर के पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें सामान्य मानसून के कारण कृषि क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव और गुड्स सर्विस टैक्स (जीएसटी) और भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता कोड (आईबीसी) जैसे सुधारों के अर्थव्यवस्था पर पड़े सकारात्मक परिणाम शामिल हैं।

अर्थव्यवस्था स्थिति बनी हुई है मजबूत

सर्वे के नोट में यह उल्लेख किया गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है। कोरोना महामारी के बाद आई रिकवरी को भारतीय अर्थव्यवस्था ने कंसोलिडेट किया है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूत घरेलू फैक्टर्स का सहारा मिल रहा है। वित्त वर्ष में रियल जीडीपी 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत हुई

लेबर मार्केट इंडिकेटर्स में बीते छह साल में बहुत सुधार हुआ है। इसकी बदौलत वित्त वर्ष 2022-23 में बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत दर्ज की गई। भारत की अनुमानित वर्कफोर्स 56.5 करोड़ है। इसमें 45 प्रतिशत लोग कृषि, 11.4 प्रतिशत लोग मैन्युफैक्चरिंग, 28.9 प्रतिशत लोग सर्विसेज और 13 प्रतिशत लोग निर्माण क्षेत्र में रोजगार कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने सोमवार को बताया कि सर्वे में अनुमान जताया गया है कि बढ़ते हुए कार्यबल को रोजगार देने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को गैर-कृषि क्षेत्र में करीब 78.51 लाख रोजगार वार्षिक तौर पर देने की जरूरत है।

मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने के बाद शाम को मामूली गिरावट के साथ शेयर बाजार बंद हुआ है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 102 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 80,502 और निफ्टी 21 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 24,509 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 716 अंक या 1.28 प्रतिशत बढ़कर 56,624 अंक और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 165 अंक या 0.90 प्रतिशत बढ़कर 18,563 अंक पर बंद हुआ।

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